ED की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की 42 से अधिक संपत्तियां कुर्क, मनी लॉन्ड्रिंग केस में बढ़ी जांच

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(नई दिल्ली) प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (R-ADAG) की 42 से अधिक संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। सूत्रों के अनुसार, इन संपत्तियों की कुल कीमत सैकड़ों करोड़ रुपये बताई जा रही है। कार्रवाई विदेशी फंडिंग और बैंक लोन से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों से संबंधित है।

स्विस बैंक खातों और विदेशी निवेश पर जांच केंद्रित

ईडी की टीम ने बताया कि जांच के दायरे में कई विदेशी लेन-देन, स्विस बैंक खातों और टैक्स हेवन देशों में निवेश की जानकारी भी शामिल है। एजेंसी ने कहा कि रिलायंस ग्रुप की कई कंपनियों द्वारा प्राप्त फंड्स के इस्तेमाल में नियमों का उल्लंघन पाया गया है।

कई राज्यों में संपत्तियों पर कार्रवाई

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद और पुणे स्थित प्रॉपर्टीज़, लग्जरी ऑफिस स्पेस और बैंक अकाउंट शामिल हैं। एजेंसी ने बताया कि यह कुर्की प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत की गई है।

अनिल अंबानी से जल्द पूछताछ संभव

सूत्रों के अनुसार, ईडी आने वाले दिनों में अनिल अंबानी और ग्रुप के शीर्ष अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है। यह पूछताछ विदेशी निवेश की प्रक्रिया, लोन डिफॉल्ट और संबंधित वित्तीय लेन-देन को लेकर होगी।

रिलायंस ग्रुप की सफाई

रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि समूह सभी कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग कर रहा है और उसे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। कंपनी ने किसी भी वित्तीय अनियमितता से इनकार किया है।

क्यों हो रही जांच?

जानकारी के अनुसार, ईडी यह जांच उन मामलों पर कर रही है जिनमें ग्रुप कंपनियों को बैंकों से मिले हजारों करोड़ रुपये के लोन की रिकवरी नहीं हो पाई। इन मामलों में पहले भी सीबीआई द्वारा एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

यह कार्रवाई अनिल अंबानी ग्रुप के लिए एक और बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि इससे पहले भी समूह की कई कंपनियां वित्तीय संकट और कर्ज विवादों में फंसी रही हैं।

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