उत्तरप्रदेश के बरेली जनपद के पत्रकार मामले में एसपी सिटी मानुष पारिख पर अवमानना की की तलवार!
इलाहाबाद हाईकोर्ट का सख़्त रुख, मांगा 3 हफ्ते में हलफ़नामा…
(प्रयागराज/बरेली) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरेली के एसपी सिटी मानुष पारिख से जुड़े अवमानना मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश दिया है कि अदालत के आदेशों की अनदेखी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि पत्रकार मयूर तलवार द्वारा दाखिल अवमानना याचिका में तीन सप्ताह के भीतर तथ्यों पर आधारित शपथपत्र दाखिल किया जाए।
यह आदेश मंगलवार, 6 जनवरी को न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत से जारी हुआ। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विपक्षी पक्ष संख्या-1, यानी एसपी सिटी मानुष पारिख को हर हाल में तथ्यों का खुलासा करते हुए हलफ़नामा दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
अवमानना आवेदन संख्या 6750/2025
यह प्रकरण कंटेम्प्ट एप्लीकेशन संख्या 6750/2025 से जुड़ा है, जिसे पत्रकार मयूर तलवार ने दाखिल किया है। कोर्ट पहले ही इस मामले में अपने पूर्व आदेशों को रिकॉर्ड पर ले चुकी है। अब ताज़ा आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि हाईकोर्ट इस मामले को हल्के में लेने के मूड में नहीं है।
पुलिस महकमे के लिए है सख़्त संदेश
कानूनी जानकारों के अनुसार, हाईकोर्ट का यह आदेश पुलिस प्रशासन के लिए एक कड़ी चेतावनी माना जा रहा है। यदि तय समय सीमा के भीतर दाखिल किया गया हलफ़नामा संतोषजनक नहीं पाया गया, तो कोर्ट अगला कड़ा कदम उठा सकता है, जिसमें अवमानना की कार्यवाही को और आगे बढ़ाया जा सकता है।
हाईकोर्ट के इस रुख ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्दी हो या पद- कोई भी अदालत के आदेशों से ऊपर नहीं है।
