समावेशी ऊर्जा की ओर कदम… इंडिया एनर्जी वीक 2026 में निवेश योग्य समाधानों पर प्रदीप कुमार दास का जोर
(गोवा) भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (IREDA) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक प्रदीप कुमार दास ने कहा कि भारत को समावेशी ऊर्जा परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए निवेश योग्य, व्यावहारिक और टिकाऊ समाधानों की आवश्यकता है। वे गोवा में आयोजित India Energy Week 2026 के दौरान दो महत्वपूर्ण पैनल चर्चाओं को संबोधित कर रहे थे।
“ऊर्जा आंकड़ों के साथ आर्थिक नीति का सशक्तिकरण: विकसित भारत की ओर भारत की प्रगति को दिशा देना” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में श्री दास ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल नारों से नहीं, बल्कि भरोसेमंद डेटा, व्यावहारिक नीतियों और धैर्यवान पूंजी निवेश से संभव है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा से जुड़े आंकड़े अब केवल तकनीकी इनपुट नहीं रह गए हैं, बल्कि वे निवेश, मूल्य निर्धारण और नीतिगत निर्णयों के लिए रणनीतिक आर्थिक साधन बन चुके हैं।
इरेडा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि संस्था न केवल बड़ी अक्षय ऊर्जा अवसंरचना परियोजनाओं को वित्तपोषित कर रही है, बल्कि विकेंद्रीकृत और सामुदायिक स्तर के ऊर्जा समाधानों में भी पूंजी प्रवाह सुनिश्चित कर रही है, जिससे ऊर्जा परिवर्तन समावेशी, किफायती और सतत बन सके।
दूसरी पैनल चर्चा “स्टार्टअप जलवायु प्रौद्योगिकी नवाचार: अनुसंधान एवं विकास से बाजार की मुख्यधारा तक” में श्री दास ने स्वच्छ ऊर्जा के लिए एक मजबूत वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में इरेडा की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने बताया कि इरेडा की स्थापना केवल एक लेंडर के रूप में नहीं, बल्कि सेक्टर-केंद्रित वित्तीय संस्था के रूप में की गई थी, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा बाजारों को सशक्त बनाना और पूंजी की लागत को कम करना है। दीर्घकालिक, सेक्टर-अनुरूप ऋण, मानकीकृत मूल्यांकन ढांचे और बैंकों के साथ को-लेंडिंग मॉडल के माध्यम से इरेडा ने सौर, पवन और जलविद्युत जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को मुख्यधारा में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने यह भी कहा कि इरेडा ने छत पर सोलर, पीएम-कुसुम जैसी वितरित परियोजनाओं को एग्रीगेटर मोड में सहयोग दिया है और अब उभरते क्षेत्रों की ओर भी कदम बढ़ाया है। इसमें पंप स्टोरेज हाइड्रोपावर, हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया जैसी भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं के लिए संरचित वित्तपोषण शामिल है।
अपने संबोधन के समापन में श्री दास ने कहा कि विकास, स्थिरता और किफायती वित्त के संतुलन के माध्यम से इरेडा भारत के ऊर्जा दृष्टिकोण को एक भरोसेमंद और निवेश-अनुकूल वास्तविकता में बदलने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

