भोपाल से पेरिस-लंदन तक खुशबू… मध्यप्रदेश के फूलों ने रचा इतिहास, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया पुष्प महोत्सव का शुभारंभ
(भोपाल) मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुष्प केवल प्रकृति की सुंदर रचना नहीं, बल्कि हमारे भावों की सशक्त अभिव्यक्ति भी हैं। आज यही पुष्प मध्यप्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त करने और राज्य की निर्यात क्षमता को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के फूलों की सुगंध अब पेरिस और लंदन तक पहुंच रही है, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को भोपाल के शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड क्रमांक-1 में आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने महोत्सव की अवधि एक दिन से बढ़ाकर तीन दिन करने की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर किसानों, नर्सरी संचालकों एवं पुष्प प्रेमियों से संवाद किया तथा प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।
पुष्प उत्पादन से बढ़ रही किसानों की नकद आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव किसानों को व्यावसायिक स्तर पर फूलों की खेती के लिए प्रेरित कर रहा है। इस मंच पर किसान, नर्सरी संचालक और खरीदार एक साथ उपस्थित हैं, जिससे बाजार की संभावनाओं को समझने का अवसर मिल रहा है।
प्रदेश में वर्तमान में 40 हजार से अधिक किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती हो रही है। हर वर्ष लाखों टन फूल गुजरात, महाराष्ट्र सहित विदेशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य बन चुका है। वर्ष 2021-22 में जहां फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हेक्टेयर था, वह अब बढ़कर 44 हजार हेक्टेयर हो गया है और प्रदेश का पुष्प उत्पादन 86 लाख टन तक पहुंच चुका है। राज्य सरकार किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण एवं अनुदान उपलब्ध करा रही है।
किसानों के लिए अन्य बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोयाबीन किसानों को भावांतर राशि अंतरित की जा रही है। गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है और आने वाले वर्षों में यह बढ़कर 3000 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंचने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रही है।
उद्यानिकी से कृषि में नई दिशा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि कृषि में प्रगति के लिए उद्यानिकी का विशेष महत्व है। किसानों को औद्योगिक उपयोग वाले फूलों की आधुनिक खेती की तकनीक से अवगत कराया जा रहा है।
आयुक्त उद्यानिकी अरविंद दुबे ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग ने आगामी तीन वर्षों का रोडमैप तैयार किया है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों, प्रदेशभर से आए किसानों एवं नर्सरी संचालकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

