यूजीसी काला कानून 2026 के विरोध में सवर्ण समाज एकता मंच मैहर के बैनर तले एकजुट हुआ सवर्ण समाज

(मैहर) यूजीसी काला कानून के विरोध में पूरे देश में सवर्ण समाज एकजुट है। विरोध की लहर दिल्ली से आज पूरे देश में फैल चुकी है। विरोध की यह लहर मैहर में भी देखने को मिली जहां सैकड़ों की संख्या में सवर्ण स्थानीय घंटाघर में एकत्रित हुए और एकजुट में कानून वापस लेने की मांग की।

मनोज तिवारी ब्रह्मण समाज तहसील अध्यक्ष मैहर देश में जब जब सरकारों की नीतियां असफल होती है सवर्ण समाज के खिलाफ संवैधानिक कानून बनाकर जनता का ध्यान भटकती है। मनोज तिवारी ने बताया कि 1950 से 1990 तक देश की आधी से ज्यादा आबादी सवर्ण समाज में आती थी लेकिन राजनीतिक वोट सरकारों के असफल नीतियों योजना के विफलता के कारण सरकार जनता का ध्यान आपस में बांटने पिछड़े वर्ग का कानून बनाकर सामाजिक भेदभाव पैदा किया। समझने का विषय है कि आजादी के 40 वर्षों तक न हम शोषक थे न कोई अन्य वर्ग शोषित किंतु सरकारों में बैठे लोग अपनी राजनीतिक मंशा के लिए हम वर्तमान सामान्य वर्ग को दोषी मानकर नीति बनाते है। ऐसे ही नया कानून यूजीसी 2026 सवर्ण समाज के साथ भेदभाव करने वाला है जिसका हम विरोध करते है। महामहिम राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध करते है कि इस काले कानून को पूर्णतः वापस लिया जाय।

*प्रकाश अग्रवाल सचिव अग्रवाल समाज मैहर :कानून देश तोड़ने वाला*प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि बोट के लालच में थोपा गया काला कानून देश विरोधी है। किसी एक वर्ग को संतुष्ट करने के लिए दूसरे वर्ग का शोषण नहीं किया जा सकता। समय रहते यदि सरकार ने काला कानून वापस नहीं लिया तो इसके परिणाम गंभीर होंगे।

महेश दरियानी सिन्धी समाज: वर्तमान में लागू यूजीसी कानून में बहुत विसंगतियां है जिसके सुधार की आवश्यकता है सरकार कोई भी नीति नियम बनाए सवर्ण समाज के अधिकारों का शोषण न हो।

रामसिंह बुंदेला क्षत्रिय समाज: हम सवर्ण समाज के साथ भेदभाव पूर्ण सरकार द्वारा कोई भी कानून लागू नहीं करने देंगे ।

ओमप्रकाश खरे कायस्थ समाज: सरकारों से निवेदन है कि हम भी इस देश के नागरिक है हमारा भी मताधिकार में पूर्ण सहयोग रहता है हमारी भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण जितनी अन्य वर्ग की इसलिए सरकार को सवर्ण वर्ग के हितों का ध्यान रखना चाहिए।

सुशील खेटपाल सिन्धी समाज: सरकार अगर लगातार हमारे खिलाफ कानून बनाती रहेंगी तो हमें जगाना पड़ेगा जब तक हाथ में हाथ धरे बैठे रहेंगे।

विश्वनाथ तिवारी: जन प्रतिनिधि भी करें सहयोग विश्वनाथ जी ने आरोप लगाया कि किसी भी अन्य वर्ण की साधारण सी बैठक में भी जनप्रतिनिधि खड़े हो जाते हैं,जबकि सवर्ण समाज की कोई भी बैठक हो उससे दूरी बना कर रखते हैं जो उचित नहीं है। एक सच्चा जनप्रतिनिधि वही है जो सबको समान दृष्टि से देखे और सबकी तकलीफ को अपना समझते हुए निराकरण कराने में मदद करे।

देवेंद्र पांडे जिला अध्यक्ष ब्राह्मण समाज: समाज को बांटने का काम नहीं करना चाहिए समाज जातियों में बांटेगा तो देश कमजोर होगा सरकार से मांग है कि वर्तमान यूजीसी बिल 2026 पूरी तरह वापस हो।

राजालनन मिश्र: बोट बैंक की राजनीति देश हित में नहीं है,इसलिए सबको काले कानून के विरोध में अपनी भूमिका निभानी होगी।

विष्णु उर्मिलीया: हम सवर्ण इतने ही अप्रिय है तो सरकार हमें अलग देश बनाकर दे दे हम वहां चले जाए।

संजय गुप्ता वैश्य समाज: आज सरकार की नीति शिक्षा के क्षेत्र में जातियों पर बांटने से शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ेगा सरकार को शिखा पर ऐसे कानून बनाने से पहले एक विचार करना चाहित कि सभी छात्र एक साथ शिखा ग्रहण करे कोई भेदभाव न हो।

मंच में अन्य वक्ताओं ने सभा का मनमोह लिया जब रामनरेश तिवारी, श्याम वाजपेई, विनय शंकर गोयल, पूर्वी पांडे, भक्ति शर्मा , कैलाश शर्मा, आदि प्रमुख वक्ताओं ने यूजीसीयू के खिलाफ आवाज बुलंद कर वृद्ध दर्ज कराया। प्रभाकर मिश्रा द्वारा समस्त सहयोगी के साथ मिलकर ज्ञापन हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।
मंच का सफल संचालन रामप्रकाश गुप्ता एवं आभार रज्जन शुक्ला द्वारा किया गया। सवर्ण समाज एकता मंच के बैनर तले उपस्थित सभी व्यापारी भाईयो एवं समस्त सवर्ण मंच में उपस्थित जन समूह का आभार प्रकट कर भविष्य के लिए ऐसे ही किसी भी संविधान की रचना विपरीत काले कानून का मिलकर विरोध करेंगे।

इनकी रही उपस्थिति-

पी पी पाण्डेय, रामनरेश तिवारी,राज ललन मिश्रा,जयंत जैन,म, केशरवानी वैश्य समाज के अध्यक्ष अशोक गुप्ता, दीपक अग्रवाल, सुशील खेट पाल, कसौंधन वैश्य समाज के अध्यक्ष राम प्रकाश गुप्ता, संजय पाण्डेय, मुन्ना गौतम, मनोज तिवारी, कैलाश द्विवेदी,शंखधर पयासी,कैलाश शर्मा,विक्की अग्रवाल,मनोज पाण्डेय,बंशगोपाल परौहा,,बद्री पाठक,सचिन द्विवेदी,संजय गुप्ता,हरीश चतुर्वेदी, प्रभाकर मिश्रा, संगीता मिश्रा,सुरेन्द्र तिवारी,दुर्गा गुप्ता,रामसिंह बुंदेला, पीके मिश्रा ,अमिताभ मिश्रा,संजू गुप्ता,प्रेम कुमार श्रीवास्तव,तुषार अग्रवाल,शांतनु तिवारी,राजीव शुक्ला,जुगुल अग्रवाल,अर्जुन सिंह बुंदेला,राजु ऊरमलिया,हरीश चतुर्वेदी,बालेंद्र त्रिपाठी, सहित हजारों सवर्ण समाज के लोगों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

दुकान बंद कर व्यापारियों ने जताई नाराजगी-

यूजीसी काले कानून का विरोध एक ओर सवर्ण समाज के लोग कर रहे थे, वहीं व्यापारियों ने अपनी स्वेच्छा से अपने अपने प्रतिष्ठान कुछ समय के लिए बंद कर अपना विरोध दर्ज कराया।

बंद का विरोध कर सौंपा ज्ञापन-

सवर्ण समाज के लोगों ने पहले घंटाघर चौक पर एकत्रित हो बैठक कर काले कानून को वापस लेने की मांग की और इस बाबत राष्ट्रपति के नाम एसडीएम महोदया दिव्यानी पटेल को ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर सीएसपी, थाना प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

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