हरदा में कतिया समाज का प्रदर्शन: भाजपा जिला महामंत्री बसंत सिंह राजपूत को अतिथि विद्वान पद से हटाने की मांग, 3 दिन का अल्टीमेटम

Advertisement

(हरदा) कतिया समाज विकास महासभा ने शासकीय महाविद्यालय में अतिथि विद्वान भाजपा जिला महामंत्री बसंत सिंह राजपूत को हटाने की मांग को लेकर हरदा कलेक्टर कार्यालय में संयुक्त कलेक्टर सतीश राय को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सोहन बिल्लौरे, देवेश्वर दूधे, एड. तुकाराम बिलारे, एड. विनोद नागले, रामस्वरूप लखोरे, राहुल पवारे, केपी चौरे, रामचन्द्र झिंझोरे, अर्जुन हुरमाले, देवीदिन चावड़ा, गणपत चौरसिया, जयनारायण चौरे, गंगाविशन ओनकर, गोलू भंवरे, लक्ष्मण भैंसारे, विनोद सांगुले, बंसीलाल चौरे, राम सरवर, बीपी चौरसिया, भुजराम चौरसिया, चैनसिंह भंवरे आदि सामाजिक लोग सैकड़ों की तादाद में उपस्थित रहे।

कतिया समाज विकास महासभा मध्यप्रदेश ने अपने ज्ञापन के माध्यम से कहा कि शासकीय महाविद्यालय हरदा में अतिथि विद्वान जो कि भारतीय जनता पार्टी में जिला महामंत्री के पद पर कार्यरत है एवं शासकीय महाविद्यालय में अतिथि विद्वान के रूप में कार्यरत है लेकिन जब यह भाजपा के पार्टी कार्यक्रम में जाकर पार्टी के पदाधिकारी है और भाजपा पार्टी का प्रचार प्रसार भी करते है तो महाविद्यालय में किस आधार पर बसंत राजपूत को अतिथि विद्वान रखा गया और महाविद्यालय में एक शिक्षक को शिक्षा देनी होती है तो यह पूरे महाविद्यालय में पार्टी का प्रचार प्रसार करते हैं। पूरे महाविद्यालय को भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक अड्डा बना दिया गया ।

उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में एक अनुसूचित जाति वर्ग की प्राचार्य है जिस पर कुछ छात्र संगठनों के द्वारा उक्त प्राचार्य की झूठी शिकायत करवाते है। अनुसूचित वर्ग की महिला को टारगेट किया जा रहा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है जिससे महाविद्यालय की छवि धूमिल हो रही है। पूर्व में भी इनको कॉलेज महाविद्यालय से हटा दिया गया था लेकिन राजनीतिक संरक्षण के चलते इन्हें वापस पदस्थ किया गया ,यह सरासर गलत है नियम के विरुद्ध है। किसी भी पार्टी का पदाधिकारी शिक्षक नहीं हो सकता ऐसा कौन सा नियम है जो उनको महाविद्यालय में अतिथि विद्वान रख कर बीजेपी पार्टी का प्रचार प्रसार कर रहे हैं। 3 दिवस के अंदर उक्त वसंत राजपूत अतिथि विद्वान को महाविद्यालय से तत्काल हटाया जाए अन्यथा सामाजिक संगठन उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी जिसकी स्वयं जिम्मेदारी जिला प्रशासन की रहेगी।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें