सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव: उज्जैन में भव्य सृष्टि आरम्भ उत्सव
रामघाट पर ड्रोन-लेजर शो, आतिशबाजी और विशाल मिश्रा की प्रस्तुति ने मोहा मन
उज्जैन | RPKP India News मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में पूरी दुनिया सनातन संस्कृति का वैभव देखेगी। उन्होंने कहा कि उज्जैन केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और संस्कृति का अद्वितीय संगम है, जहां आने वाला हर व्यक्ति आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त करता है।
मुख्यमंत्री विक्रमोत्सव-2026 के अंतर्गत गुड़ी पड़वा पर आयोजित सृष्टि आरम्भ उत्सव में रामघाट पर शामिल हुए और कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि मां शिप्रा के तट पर बसी उज्जैन नगरी अनादिकाल से अस्तित्व में है और हर युग में इसकी महिमा अक्षुण्ण रही है। उज्जैन, जिसे प्राचीन काल में अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से जाना जाता था, 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर मंदिर का धाम है।
आधुनिक तकनीक और आस्था का अनूठा संगम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जहां दुनिया में ड्रोन तकनीक का उपयोग युद्ध में हो रहा है, वहीं उज्जैन में इसका उपयोग देवी-देवताओं की झलक प्रस्तुत करने के लिए किया जा रहा है, जो सनातन संस्कृति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा का उल्लेख करते हुए कहा कि विक्रमोत्सव केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि सुशासन और आदर्शों की पुनर्स्थापना का प्रतीक है।
सिंहस्थ-2028 की तैयारियां जोरों पर
मुख्यमंत्री ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उज्जैन को जोड़ने वाले मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन में विकसित किया जा रहा है, जबकि मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नए घाट बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं की योजना पर भी काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि उज्जैन को औद्योगिक रूप से भी विकसित किया जा रहा है, जहां विक्रम उद्योगपुरी और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 12,500 एकड़ क्षेत्र में औद्योगिक विकास हो चुका है और अतिरिक्त 5 हजार एकड़ में नया औद्योगिक पार्क तैयार किया जा रहा है।
रामघाट पर भव्य आयोजन, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
गुड़ी पड़वा के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई, जिसके बाद प्रसिद्ध पार्श्व गायक विशाल मिश्रा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ड्रोन शो, लेजर शो और भव्य आतिशबाजी रही, जिसने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। ड्रोन शो के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक संदेशों का अद्भुत प्रदर्शन किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा।
विभिन्न ग्रंथों और साहित्य का विमोचन
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा विक्रम पंचांग 2083, कला पंचांग सहित कई धार्मिक और सांस्कृतिक ग्रंथों का विमोचन भी किया गया। यह आयोजन उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक आयोजन क्षमता का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
