टीबी जागरूकता अभियान: अडानी फाउंडेशन व सिविल अस्पताल के संयुक्त प्रयास से मरीजों को मिला पोषण किट

(विजयराघवगढ़) विश्व क्षय दिवस के अवसर पर विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल में एक प्रेरणादायक एवं जनजागरूकता से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर टीबी की रोकथाम, समय पर पहचान एवं प्रभावी उपचार के साथ-साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक जागरूकता पहुंचाने के उद्देश्य से व्यापक प्रयास किए गए। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि टीबी अब लाइलाज नहीं है बल्कि सही समय पर जांच और उपचार से इसे पूरी तरह हराया जा सकता है।

टीबी मुक्त भारत की दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकारों द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिसंबर 2024 में देश के 33 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 347 उच्च प्राथमिकता वाले जिलों में 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान प्रारंभ किया गया था।

विजयराघवगढ़ में 24 मार्च 2025 से इस अभियान की शुरुआत के बाद से लगातार जनजागरूकता और सहायता कार्य किए जा रहे हैं। अब तक 559 पोषण आहार के पैकेट सिविल अस्पताल के माध्यम से अदाणी फाउंडेशन द्वारा मरीजों को उपलब्ध कराया गया !

इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ एवं अडानी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में 50 टीबी मरीजों को खाद्यान सामग्री का वितरण किया गया। इस पहल ने मरीजों के चेहरों पर आशा की नई किरण जगाई और उनके उपचार में पोषण के महत्व को डॉ विनोद कुमार द्वारा रेखांकित करते हुए अदाणी फाउंडेशन द्वारा किए गए फूड बास्केट के सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया।

अदाणी फाउंडेशन से पंकज द्विवेदी ने मंच से फाउंडेशन द्वारा आंगनवाड़ियों के काया कल्प, स्वास्थ्य शिविरो का आयोजन और सरकार के टीबी मुक्त अभियान अंतर्गत पिछले वर्ष विजयराघवगढ़ सिविल अस्पताल को पोर्टेबल एक्स -रे मशीन और विभाग के माग पर मरीजों को फूड बास्केट का सहयोग लगातार किया जा रहा है! वर्ष प्रदान किए जा रहा है।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुधा कोल, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजेश्वरी दुबे, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार सहित अडानी फाउंडेशन से पंकज द्विवेदी, अमित सोनी, विशाल पटेल, पारस पटेल एवं नरेंद्र चौरसिया की गरिमामयी उपस्थिति रही।

इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग से कृष्ण बहादुर सिंह हडसन स्मिथ एवं समस्त स्वास्थ्य टीम ने सक्रिय सहभागिता निभाई। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि टीबी मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ जिसने समाज में जागरूकता सहयोग और संवेदनशीलता का सुंदर संदेश प्रसारित किया।

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