कलेक्टर ने किया गेहूं उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण अव्यवस्था पर चौफाल उपार्जन केंद्र प्रभारी निलंबित, माटा केंद्र के ऑपरेटर को स्टार ऑफ द मंथ
(सीधी) जिले के चौफाल स्थित गेहूं खरीदी केंद्र के औचक निरीक्षण में गंभीर लापरवाही सामने आई है। कलेक्टर द्वारा किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि उपार्जित गेहूं खुले में रखा गया था, जिससे बारिश/नमी के कारण बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया। इस अव्यवस्था के चलते किसानों की उपज को नुकसान पहुंचा है।
निरीक्षण में यह भी स्पष्ट हुआ कि गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं नहीं की गई थीं, जबकि इस संबंध में पूर्व में निर्देश भी जारी किए गए थे। इसके बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने उपार्जन केंद्र प्रभारी शैलेन्द्र सिंह को निलंबित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई संबंधित प्रभारी से कराई जाएगी।
निर्देशों की अवहेलना और लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासक बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति चौफाल द्वारा आदेश जारी कर प्रभारी समिति प्रबंधक एवं उपार्जन केंद्र प्रभारी चौफाल शैलेन्द्र सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
वहीं माटा उपार्जन केंद्र में व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं संतोषजनक पाई गईं। उत्कृष्ट कार्य के लिए ऑपरेटर प्रवीण सिंह सेंगर को “स्टार ऑफ द मंथ” से सम्मानित करने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर ने जिले के सभी उपार्जन केंद्रों को निर्देशित किया है कि उपार्जन कार्य पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ संचालित किया जाए। निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही उपज की खरीदी सुनिश्चित की जाए तथा तौल, ग्रेडिंग और भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। खरीदे गए गेहूं का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से भंडारण किया जाए, जिसमें पर्याप्त तिरपाल, शेड और नमी से बचाव के सभी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।
इसके साथ ही केंद्रों पर किसानों के लिए पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, टोकन प्रणाली तथा समयबद्ध परिवहन एवं उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि खरीदी के बाद गेहूं केंद्रों पर अनावश्यक रूप से न रुके।
