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भोपाल। मध्‍य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर बंद उद्योगों की जमीन का सदुपयोग करने के लिए सरकार नियमों में बदलाव कर सकती है। इसमें बंद यूनिट की जमीन पर गोदाम या अन्य व्यावसायिक उपयोग करने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। इससे सरकार के खजाने में न सिर्फ राजस्व (राशि) आएगा, बल्कि बंद उद्योगों की जगह का दूसरा उपयोग होने से रोजगार के अवसर भी बनेंगे। इस व्यवस्था के लिए उद्योग विभाग टीम बनाकर कानूनी पहलू के साथ दूसरे राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करवा रहा है।
प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में कई उद्योगों की इकाइयां बंदभोपाल। मध्‍य प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र सहित अन्य स्थानों पर बंद उद्योगों की जमीन का सदुपयोग करने के लिए सरकार नियमों में बदलाव कर सकती है। इसमें बंद यूनिट की जमीन पर गोदाम या अन्य व्यावसायिक उपयोग करने की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है। इससे सरकार के खजाने में न सिर्फ राजस्व (राशि) आएगा, बल्कि बंद उद्योगों की जगह का दूसरा उपयोग होने से रोजगार के अवसर भी बनेंगे। इस व्यवस्था के लिए उद्योग विभाग टीम बनाकर कानूनी पहलू के साथ दूसरे राज्यों के प्रावधानों का अध्ययन करवा रहा है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में कई उद्योगों की इकाइयां बंद  सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में कई उद्योगों की इकाईयां बंद हैं। उद्योागें को जमीन एक निश्चित काम करने के लिए लीज पर दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा है। उद्योग भी चाहतें हैं कि उन्हें जगह पर दूसरा काम करने की अनुमति मिले।  उद्योगों की ओर से आई इस मांग पर उद्योग विभाग सकारात्मक नजरिए से विचार कर रहा है। उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाई बंद होने से कोई आर्थिक गतिविधि वहां नहीं हो रही है। इसकी वजह से न तो सरकार को राजस्व प्राप्ति हो रही है और न ही रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।  इसके मद्देनजर दूसरे राज्यों के प्रावधान और कानूनी पहलूओं का अध्ययन करवाया जा रहा है। दरअसल, उद्योगों को आंवटित जमीन बैंकों के पास बंधक होती हैं। ऐसे में जमीन का दूसरा उपयोग करने का अधिकार देने के लिए सभी पहलुओं को देखना जरूरी होगा।

सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में कई उद्योगों की इकाईयां बंद हैं। उद्योागें को जमीन एक निश्चित काम करने के लिए लीज पर दी गई थी, लेकिन इसका उपयोग नहीं हो रहा है। उद्योग भी चाहतें हैं कि उन्हें जगह पर दूसरा काम करने की अनुमति मिले।

उद्योगों की ओर से आई इस मांग पर उद्योग विभाग सकारात्मक नजरिए से विचार कर रहा है। उद्योग विभाग के अधिकारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाई बंद होने से कोई आर्थिक गतिविधि वहां नहीं हो रही है। इसकी वजह से न तो सरकार को राजस्व प्राप्ति हो रही है और न ही रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं।

इसके मद्देनजर दूसरे राज्यों के प्रावधान और कानूनी पहलूओं का अध्ययन करवाया जा रहा है। दरअसल, उद्योगों को आंवटित जमीन बैंकों के पास बंधक होती हैं। ऐसे में जमीन का दूसरा उपयोग करने का अधिकार देने के लिए सभी पहलुओं को देखना जरूरी होगा।

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