कलेक्टर श्री तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ऐतिहासिक महत्व की 5 प्राचीन बावड़ियों को होगा पुनरूद्धार
(कटनी) पुरा संपदा से समृद्ध कटनी जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले की 5 प्राचीन बावड़ियों का जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत जीर्णोद्धार कराने और मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के द्वारा विजयराघवगढ़ के ऐतिहासिक किले का पुनरूद्धार व मरम्मत कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिये।बैठक में जिला पंचायत की सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, निगमायुक्त तपस्या परिहार, और सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर मौजूद रहे।ट्रस्ट गठन का कार्य प्रक्रियाधीनबैठक में भारत के केंद्र बिन्दु करौंदी का समग्र विकास कर पर्यटन मानचित्र में प्रमुखता से स्थान दिलाने के उद्देश्य से ट्रस्ट गठन की प्रक्रिया प्रचलित होने की जानकारी एसडीएम ढीमरखेड़ा निधि सिंह गोहल ने दी। ट्रस्ट गठन के बाद करौंदी को इसके महत्व के अनुरूप ग्राम पंचायत के सहयोग से पर्यटन मानचित्र में लाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।हटेगा अतिक्रमणकलेक्टर श्री तिवारी ने एएसआई द्वारा चयनित पुरातात्विक साइटों पर किये गए अतिक्रमण को सीमांकन कर हटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने एएसआई के अधिकारियों को ऐसे स्थलों की सूची तत्काल मुहैया कराने के निर्देश दिए।प्राचीन बावडि़यों का जीर्णोद्धारबैठक में कलेक्टर श्री तिवारी के संज्ञान में जिले में पांच पुरातात्विक महत्व की बावड़ियों के होने की जानकारी मिलते ही उन्होनें सभी के जीर्णोद्धार व मरम्मत कर इनके पुरावैभव को पुनर्जीवित करने के निर्देश दिए। इनमें दो कटनी शहर की बावडि़यां भी शामिल है। जिनमें वार्डस्ले स्कूल परिसर और बरगवां रोड स्थित निजी चिकित्सालय के समीप स्थित बावडि़यां शामिल है।
इसी प्रकार ग्रामीण अंचलों की तीन बावड़ियों क्रमश: विकासखंड बड़वारा के ग्राम पंचायत विलायतकला, बहोरीबंद के ग्राम पंचायत बचैया और विजयराघवगढ़ के ग्राम पंचायत टिकरिया की प्राचीन बावड़ियों को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत मरम्मत व जीर्णोद्धार कराने के निर्देश कलेक्टर ने दिए।पांडुलिपि सर्वेक्षणबैठक में कलेक्टर श्री तिवारी ने अवगत कराया कि जिले से संबंधित प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियां यदि किसी व्यक्ति या निजी संस्था के पास हो तो वे ज्ञान भारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण के तहत इनका डिजिटल दस्तावेजीकरण करवा सकते हैं। ताकि ये पांडुलिपियां भावी पीढ़ी के लिये सुरक्षित हो सकें।ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावाबैठक में पर्यावरणविद एवं सचिव मानव जीवन विकास समिति निर्भय सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने में होम स्टे की महत्ता से अवगत कराया, जो कि होटल की तुलना में अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है।
पर्यटक यहां कम खर्च में गांवो की नैसर्गिक सुंदरता, पारंपरिक जीवन शैली और सांस्कृतिक विरासत का अनुभव कर सके जिले में वर्तमान में 10 होम स्टे बने है और 9 निर्माणाधीन है। इन होम स्टे में फ्रांस के विदेशी पर्यटक भी रूककर ग्राम्य जीवन, पारंपरिक खान-पान, लोक कला व समृद्ध सांस्कृतिक ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन कर चुके हैं। बैठक में डिप्टी कलेक्टर प्रदीप मिश्रा, सभी एसडीएम, जिला पंचायत से पर्यटन प्रभारी कमलेश सैनी, मोहन नागवानी, पर्यावरणविद निर्भय सिंह, एएसआई और मध्यप्रदेश पर्यटन निगम तथा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी रही।
