प्लाज्मा डोनेशन के लिए एसडीएम की रोस्टर ड्यूटी लगाई गई

( भोपाल )

आज आईटीबीपी के एक जवान और अन्य लोगो ने प्लाज्मा डोनेट किया

भोपाल जिले हमीदिया में शुरु हुए प्लाज्मा सेंटर में आज आईटीबीपी के जवान ने और अन्य लोगो ने प्लाज्मा डोनेशन के लिए अपना सैंपल दिया है जिसकी एंटीबॉडी रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर  प्लाज्मा लिया जायेगा। कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने जिले के सभी एसडीएम की प्रतिदिन के अनुसार ड्यूटी लगाई है। जो पॉजिटिव आए मरीजों के इलाज के बाद ठीक होने पर 25 कोरोना फाइटर की एंटीबॉडी टेस्ट कराया जायेगा और एंटीबॉडी डेवलप्ड होने के बाद उनका प्लाज्मा लिया जायेगा जिसका उपयोग गंभीर पीड़ित मरीजों के इलाज में उपयोग किया जायेगा।सोमवार को बैरागढ़ एसडीएम, गोविंदपुरा मंगलवार, सिटी एसडीएम बुधवार, टीटी नगर गुरुवार, शुक्रवार कोलार, एमपी नगर शनिवार, और रविवार को हुजूर और बैरसिया एसडीएम की ड्यूटी लगाई गई है। क्या होता है।  प्लाज्मा इंसान के खून का तरल हिस्सा है यहां 91 से 92% पानी से बना और हल्के पीले रंग का होता है यह आपके खून का करीब 55% हिस्सा है बचा हुए 45% में रेड लाइट सेल्स व्हाइट ब्लड सेल्स प्लेटलेट्स होती है।
कॉन्वालेसेंट प्लाज्मा को हम उधार की एमुनिटी भी कह सकते हैं क्योंकि इसे बीमारी से उवर  भी सकते है। व्यक्ति के खून से निकालकर मरीज को दिया जाता है इसमें एंटीबॉडीज होती है जो कुछ निश्चित समय के लिए प्लाज्मा से चिपक जाती है और वायरस के दूसरी बार लौटने पर उससे लड़ने के लिए तैयार रहती है।
कॉन्वालेसेंट  प्लाज्मा डोनर बनने के लिए जरूरी  शर्तें  उम्र 18 वर्ष और पूरी तरह स्वस्थ होना चाहिए। कम से कम 50 किलोग्राम वनज होना चाहिए। कोविड-19 से उबरने के बाद ही कर सकते हैं दान। 14 दिन तक सिम्पटम फ्री होना जरूरी।  योग्य डोनर हर 15 दिन में  प्लाज्मा डोनेट कर सकते हैं।

कैसे होता है  प्लाज्मा डोनेशन ?  कॉन्वालेसेंट डोनेशन प्लाज्मा कोविड-19 से पूरी तरह उबर चुके मरीज ही कर सकते हैं। प्लाज्मा डोनेशन के दौरान व्यक्ति के हाथ से प्लाज्मा निकाला जाता है और सुरक्षित तरीके से कुछ भी सेलाइन के साथ रेड सेल्स वापस डाले जाते हैं। इस प्रक्रिया के कारण यह आम ब्लड डोनेशन से ज्यादा वक्त लेती है।
प्लाज्मा को कलेक्ट करने के 6 घंटे के भीतर माइनस – 30 डिग्री सेल्सियस पर जमा या ठंडा किया जाता है तो उसे 12 महीने तक स्टोर कर रख सकते हैं।
कौन कर सकता डोनेट   कॉन्वालेसेंट प्लाज्मा केवल उन्हीं लोगों से कलेक्ट किया जाना चाहिए जो ब्लड डोनेशन के लिए योग्य है।  अगर व्यक्ति को पहले कोरोनावायरस पॉजिटिव रह चुका है तो ही वे दान कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति कोविड-19 से पूरी तरह उबरने के 14 दिन बाद ही डोनेशन कर सकता है डोनर में किसी भी तरह के लक्षण नहीं होनी चाहिये। डोनर की उम्र 18 साल से ज्यादा और पूरी तरह से स्वस्थ होना चाहिए। आपको मेडिकल एग्जामिनेशन से गुजरना होगा जहां आपकी मेडिकल हिस्ट्री की जांच की जाएगी।

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