वर्षा पूर्व तैयारियों की समीक्षा: कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण को लेकर दिए सख्त निर्देश
(सीधी) आगामी वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर विकास मिश्रा ने जिले की आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी विभाग पूर्व तैयारियां समय रहते पूर्ण करें।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि विगत पांच वर्षों के अनुभव के आधार पर जिले के सभी संवेदनशील गांवों, नदी-नालों और बाढ़ संभावित क्षेत्रों की विशेष निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि संभावित प्रभावित क्षेत्रों में नाव, राहत सामग्री, आवश्यक खाद्यान्न, दवाइयों और अन्य जरूरी संसाधनों का पर्याप्त भंडारण पहले से सुनिश्चित किया जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत पहुंचाई जा सके। साथ ही आपदा नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश भी दिए।
स्वास्थ्य विभाग को जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए पर्याप्त दवाइयों, मेडिकल टीमों और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं विद्युत विभाग को बारिश और तेज हवाओं के दौरान विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में त्वरित सुधार कार्य के लिए विशेष दल गठित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने नगरीय निकायों और संबंधित विभागों को नालों एवं जल निकासी मार्गों की साफ-सफाई अभियान तेज करने, पुल-पुलियों की स्थिति का निरीक्षण करने और पाइप लाइनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी फील्ड स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करें और हर स्थिति पर सतत नजर बनाए रखें।
बैठक में वन विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि बारिश के दौरान सांपों और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के निकलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे आमजन को खतरा हो सकता है। ऐसे में इनके सुरक्षित रेस्क्यू और स्थानांतरण के लिए आवश्यक तैयारियां की जाएं। साथ ही सभी खंड स्तरों पर सांप पकड़ने वाले व्यक्तियों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके। स्वास्थ्य विभाग को भी सांप काटने और अन्य विषैले जीवों से संबंधित उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
कलेक्टर ने नदियों और नालों के आसपास अवैध रूप से निवास कर रहे परिवारों को चिन्हित कर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए, ताकि संभावित आपदा के दौरान जोखिम को कम किया जा सके।
उन्होंने आपदा प्रबंधन एवं बाढ़ नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे टॉर्च, छाता, रेनकोट और अन्य आवश्यक आपदा राहत सामग्री अपने पास रखें, जिससे किसी भी परिस्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। साथ ही सभी पुल-पुलियों के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाने और आवश्यक सुरक्षा निर्देश प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, समस्त उपखंड अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे।
