मध्यप्रदेश पुलिस का अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ रातभर चला प्रदेशव्यापी विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान

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कॉम्बिंग गश्त में 2500 से अधिक पुलिसकर्मी मैदान में उतरे
2100 से अधिक वारंट तामील/वारंटी गिरफ्तार

(भोपाल) ​मध्यप्रदेश में अपराधियों, फरार वारंटियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक स्तर पर समय-समय पर ‘कॉम्बिंग गश्त’ अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में देर रात से शुरू होकर सुबह तक चली इस विशेष कार्रवाई में प्रदेशभर के 2500 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मुस्तैदी से मैदान में उतरे।

​इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न जिलों में रिकॉर्ड 2100 से अधिक वारंट तामील/ वारंटी गिरफ्तार किए। इसके साथ ही सूचीबद्ध बदमाशों, गुंडों, हिस्ट्रीशीटरों और जिला बदर अपराधियों की धरपकड़ व चेकिंग की गई। अभियान के दौरान आबकारी एक्ट, जुआ-सट्टा, अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाही की गई।

प्रमुख कार्रवाई:

ग्वालियर : पुलिस ने रातभर में 249 फरार वारंटियों (121 स्थायी और 128 गिरफ्तारी वारंट) को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 303 गुंडों व हिस्ट्रीशीटरों की जांच कर अवैध शराब व हथियारों पर कार्रवाई की गई।

जबलपुर : अपराधियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु जबलपुर पुलिस द्वारा कॉम्बिंग गस्त के दौरान 120 स्थाई वारंट एवं 71 गिरफ्तारी वारंट सहित कुल 191 वारंट तामील किए गए।

टीकमगढ़ (मेगा कॉम्बिंग ऑपरेशन) : दो दिवसीय विशेष अभियान के तहत जिले में स्थाई 6, गिरफ्तारी 55 एवं 160 जमानती एवं 246 अन्य सहित कुल 467 वारंट तामील किए गए। साथ ही सघन वाहन चेकिंग और आबकारी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए।

मुरैना : पुलिस ने 73 स्थायी वारंटी, 63 गिरफ्तारी वारंटी, ईनामी एवं फरार 14 बदमाशों सहित कुल 150 वारंटियों को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त 28 हिस्ट्रीशीटर गुंडे तथा 18 जिलाबदर अपराधियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा थाना पहाड़गढ़ पुलिस द्वारा 08 पेटी अवैध देशी शराब कीमत लगभग 44 हजार रुपए की जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

विदिशा : पुलिस द्वारा जिलेभर में 720 ठिकानों पर दबिश देकर कॉम्बिंग ऑपरेशन संचालित किया गया। अभियान के दौरान 29 स्थायी, 102 गिरफ्तारी एवं 166 जमानती वारंट सहित कुल 297 वारंट तामील किए गए। इसके अतिरिक्त 201 बदमाशों के ठिकानों पर रेड, 158 हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग एवं 11 जिला बदर व्यक्तियों की जांच की गई।

उज्जैन : पुलिस द्वारा अभियान के दौरान 85 स्थाई वारंट, 110 गिरफ्तारी वारंट एवं 05 वसूली वारंट सहित कुल 200 वारंट तामील किए गए। पुलिस द्वारा 150 से अधिक निगरानी, गुंडा एवं चाकूबाज बदमाशों की घर-घर जाकर चेकिंग की गई, जबकि 50 से अधिक जिला बदर आरोपियों का सत्यापन किया गया। हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में फरार 04 आरोपियों को भी रात्रिकालीन दबिश देकर गिरफ्तार किया गया।

खंडवा : पुलिस ने 30 स्थायी, 97 गिरफ्तारी और 17 अन्य वारंट तामील कर 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया ।

मन्दसौर : पुलिस द्वारा कॉम्बिंग गश्त के दौरान 78 स्थायी एवं 31 गिरफ्तारी वारंटियों सहित कुल 109 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 114 हिस्ट्रीशीटर, गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की चेकिंग की गई। कार्रवाई के दौरान थाना शामगढ़ पुलिस ने 68 ग्राम एमडी ड्रग तथा थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक बलेनो कार से 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त करने में सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त 11 आबकारी प्रकरणों में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी कर 57.24 लीटर अवैध शराब जब्त की गई तथा जुआ-सट्टा के 07 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत 32 चालान कर 14 हजार 800 रुपए का समन शुल्क वसूल किया गया।

शाजापुर : पुलिस ने 150 वारंट (53 स्थायी और 97 गिरफ्तारी) तामील किए। गुंडा-बदमाशों और जिला बदर अपराधियों की सघन जांच की ।

सिवनी : जिले में 103 वारंटियों (53 स्थायी और 50 गिरफ्तारी) को गिरफ्तार कर निगरानी बदमाशों की चेकिंग की गई।

खरगोन : पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 स्थायी और 68 गिरफ्तारी वारंटियों सहित कुल 87 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

प्रदेशभर में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न करना, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना तथा आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत करना है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आगे भी इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और प्रभावी कार्रवाई की है। वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया और भौतिक सत्यापन के बाद जरुरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया। वक़्फ़ बोर्ड की आय कैसे बड़े इस पर अन्य राज्यों की वफ्फ समितियां से चर्चा कर, राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा वक़्फ़ संपतियों का लेखा-जोखा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। परिणामस्वरूप म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया। नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए खुली हैं नई राहें म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक़्फ़ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने कानून के मंशानुरूप कई समाजिक परिवर्तनकारी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को नई दिशा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप 1552 बेटा-बेटियों को ड्रॉप आउट होने से बचाया गया। वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए समुचित रुप से आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई, नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई राहें खुली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 मई को रवीन्द्र भवन में भोपाल जिले के 849 मेधावी बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप प्रदान कर सम्मानित करेंगे। यह शुरुआत है, वक़्फ़ बोर्ड मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में इस तरह बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेगा। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनों’ जैसे नवाचार की चर्चा के बाद मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड की योजनाओं और कार्य करने की शैली को समझने के लिए अनेक राज्यों द्वारा अपने अधिकारी- कर्मचारियों को मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के कार्यालय में भेजा जा रहा है। वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती प्राप्त हुई। वक़्फ़ माफियाओं, दागदार प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया गया। वक़्फ़ संपत्तियों को दागदार हाथों से मुक्त कर स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। समानांतर वक़्फ़ बोर्ड चलाकर वक़्फ़ संपत्तियों को हानि पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए और वसूली की कार्यवाही भी की गई। इस क्रम में वक़्फ़ यतीमखाना शाहजहांनी, भोपाल के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस जारी किया गया, जो देश के वक़्फ़ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वसूली नोटिस माना जा रहा है। वक़्फ़ मदर गेट उज्जैन के प्रबंधन के विरुद्ध 7 करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली के लिए कार्रवाई की गई। वक़्फ़ जामा मस्जिद, बीना बजरिया सागर के प्रबंधकों के विरुद्ध 1 करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर कार्यवाही की गई। वक़्फ़ बड़वाली चौकी, इंदौर प्रकरण में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में वक़्फ़ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई। वक़्फ़ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब द्वारा वक़्फ़ को पहुँचाई गई 81 लाख 43 हजार रुपये की हानि की वसूली के लिए भी नोटिस जारी किया गया। इन कार्यवाहियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नवीन वक़्फ़ बोर्ड वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति, माफिया या दागदार प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी है। अब सभी वक़्फ़ संपत्तियां दर्ज है ऑनलाइन केन्द्र सरकार द्वारा नये संशोधन कानून से वक़्फ़ संपतियों पर बैठे कब्जाधारियों को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। सभी संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज है, इस कारण कहीं कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता, इस बात की दहशत भी वक़्फ़ माफियाओं में देखने को मिली है। वक़्फ़ संपतियों के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इससे अनैतिक गतिविधियां करने वाले हतोत्साहित हुए। कृषि भूमियों की समय पर नीलामी की गई, जिससे राजस्व में वृद्धि हुई और इनका परिणाम आज सबसे सामने है। समाज के हर वर्ग में इसकी सराहना हो रही है। म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ पौधरोपण का निर्णय म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि वक़्फ़ बोर्ड की निगरानी में पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के हर वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौध-रोपण के बाद उनकी सही देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और प्रभावी कार्रवाई की है। वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया और भौतिक सत्यापन के बाद जरुरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया। वक़्फ़ बोर्ड की आय कैसे बड़े इस पर अन्य राज्यों की वफ्फ समितियां से चर्चा कर, राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा वक़्फ़ संपतियों का लेखा-जोखा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। परिणामस्वरूप म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया। नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए खुली हैं नई राहें म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक़्फ़ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने कानून के मंशानुरूप कई समाजिक परिवर्तनकारी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को नई दिशा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप 1552 बेटा-बेटियों को ड्रॉप आउट होने से बचाया गया। वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए समुचित रुप से आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई, नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई राहें खुली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव 25 मई को रवीन्द्र भवन में भोपाल जिले के 849 मेधावी बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप प्रदान कर सम्मानित करेंगे। यह शुरुआत है, वक़्फ़ बोर्ड मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में इस तरह बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेगा। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनों’ जैसे नवाचार की चर्चा के बाद मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड की योजनाओं और कार्य करने की शैली को समझने के लिए अनेक राज्यों द्वारा अपने अधिकारी- कर्मचारियों को मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के कार्यालय में भेजा जा रहा है। वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती प्राप्त हुई। वक़्फ़ माफियाओं, दागदार प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया गया। वक़्फ़ संपत्तियों को दागदार हाथों से मुक्त कर स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। समानांतर वक़्फ़ बोर्ड चलाकर वक़्फ़ संपत्तियों को हानि पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए और वसूली की कार्यवाही भी की गई। इस क्रम में वक़्फ़ यतीमखाना शाहजहांनी, भोपाल के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस जारी किया गया, जो देश के वक़्फ़ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वसूली नोटिस माना जा रहा है। वक़्फ़ मदर गेट उज्जैन के प्रबंधन के विरुद्ध 7 करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली के लिए कार्रवाई की गई। वक़्फ़ जामा मस्जिद, बीना बजरिया सागर के प्रबंधकों के विरुद्ध 1 करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर कार्यवाही की गई। वक़्फ़ बड़वाली चौकी, इंदौर प्रकरण में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की गई। इसी क्रम में वक़्फ़ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई। वक़्फ़ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब द्वारा वक़्फ़ को पहुँचाई गई 81 लाख 43 हजार रुपये की हानि की वसूली के लिए भी नोटिस जारी किया गया। इन कार्यवाहियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नवीन वक़्फ़ बोर्ड वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति, माफिया या दागदार प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी है। अब सभी वक़्फ़ संपत्तियां दर्ज है ऑनलाइन केन्द्र सरकार द्वारा नये संशोधन कानून से वक़्फ़ संपतियों पर बैठे कब्जाधारियों को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। सभी संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज है, इस कारण कहीं कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता, इस बात की दहशत भी वक़्फ़ माफियाओं में देखने को मिली है। वक़्फ़ संपतियों के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इससे अनैतिक गतिविधियां करने वाले हतोत्साहित हुए। कृषि भूमियों की समय पर नीलामी की गई, जिससे राजस्व में वृद्धि हुई और इनका परिणाम आज सबसे सामने है। समाज के हर वर्ग में इसकी सराहना हो रही है। म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ पौधरोपण का निर्णय म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि वक़्फ़ बोर्ड की निगरानी में पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के हर वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौध-रोपण के बाद उनकी सही देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।