मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश कर्ज के दलदल में, प्रदेश पर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज – जीतू पटवारी

(भोपाल) मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बदहाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने मध्य प्रदेश को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने एक बार फिर 3,600 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है, जिसके बाद प्रदेश पर कुल कर्ज 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

श्री पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियां जारी कर बाजार से 3,600 करोड़ रुपये का नया कर्ज लिया है। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार अब तक 12,800 करोड़ रुपये की उधारी ले चुकी है। सरकार ने पूरे वित्तीय वर्ष में 78,500 करोड़ रुपये उधार लेने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से 16.30 प्रतिशत राशि अभी शुरुआती महीनों में ही उधार ले ली गई है।

उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश पर 4,88,714.17 करोड़ रुपये का कर्ज था। नई उधारी के बाद यह आंकड़ा 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। सबसे गंभीर बात यह है कि मध्य प्रदेश पर चढ़ा कर्ज अब राज्य सरकार के वार्षिक बजट से भी अधिक हो चुका है। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की आर्थिक नीतियों की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

श्री पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री बताएं कि आखिर प्रदेश को लगातार कर्ज के सहारे क्यों चलाया जा रहा है? इतना भारी कर्ज लेने के बावजूद किसानों को खाद और सिंचाई नहीं मिल रही, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हैं, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है तथा विकास कार्य ठप पड़े हैं। यदि कर्ज विकास के लिए लिया जा रहा है तो उसका परिणाम जनता को क्यों नहीं दिखाई दे रहा?

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि सरकार को अपनी आमदनी का बहुत बड़ा हिस्सा केवल कर्ज के ब्याज के रूप में चुकाना पड़ रहा है। जनता के टैक्स का पैसा विकास पर खर्च होने के बजाय ब्याज चुकाने में जा रहा है। इसका बोझ आने वाली पीढ़ियों पर डाला जा रहा है।

श्री पटवारी ने आरोप लगाया कि आर्थिक बदहाली के बावजूद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सरकार फिजूलखर्ची पर कोई रोक लगाने को तैयार नहीं है। सरकारी धन का अनावश्यक प्रचार-प्रसार, कार्यक्रमों और दिखावे पर खुलकर खर्च किया जा रहा है, जबकि प्रदेश की जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की “पैसा दो–काम लो” की संस्कृति ने पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दे दिया है। कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार ने सरकारी खजाने को खोखला कर दिया है और यही कारण है कि आज मध्य प्रदेश कर्ज के दलदल में फंस गया है। भाजपा सरकार जनता के पैसे से भ्रष्टाचार का तंत्र चला रही है और उसकी कीमत प्रदेश की जनता चुका रही है।

श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मांग की कि वे प्रदेश की वास्तविक आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करें, अब तक लिए गए कर्ज का पूरा हिसाब जनता के सामने रखें, यह बताएं कि कर्ज की राशि किन-किन मदों में खर्च की गई और प्रदेश को कर्ज के इस संकट से बाहर निकालने के लिए उनकी सरकार की क्या ठोस योजना है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के धन की बर्बादी, बढ़ते कर्ज और आर्थिक कुप्रबंधन के मुद्दे पर भाजपा सरकार को हर स्तर पर जवाबदेह बनाएगी और प्रदेश की जनता के हितों के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें