कलेक्टर की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न: ब्लैक स्पॉट सुधारने और स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर दिया गया जोर
(जबलपुर) जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में कलेक्टर श्री राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री संपत उपाध्याय, डीएफओ श्री पुनीत सोनकर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक गहलोत और एडिशनल एसपी (यातायात) श्रीमती अंजना तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि पिछले छह महीनों में जिले में 1903 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जिनमें 324 लोगों की मृत्यु हुई और 2239 लोग घायल हुए हैं। इन आंकड़ों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में हादसों के प्रमुख कारणों की समीक्षा की गई, जिनमें तेज गति, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग न करना और सड़क संकेतों की अनदेखी को मुख्य वजह माना गया। यातायात पुलिस को विशेष अभियान चलाकर हेलमेट व सीट बेल्ट को अनिवार्य करने, ओवरलोडिंग तथा नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ चालान और वसूली की सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग, एमपीआरडीसी और एनएचएआई को दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण करने, सड़क संकेतक, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और रोड मार्किंग को तत्काल दुरुस्त करने को कहा गया है। सड़कों की मरम्मत करने, गड्ढे भरने और जगह-जगह रिफ्लेक्टर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि रात्रि के समय होने वाले हादसों को टाला जा सके।
शहर के आंतरिक यातायात को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाने और ई-रिक्शा के संचालन को व्यवस्थित करने का निर्णय लिया गया है। जयंती टॉकीज और बल्देवबाग जैसे व्यस्त इलाकों में यातायात सुधार के लिए विशेष कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल वाहनों के लिए नई गाइडलाइन जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग स्कूलों की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को सुरक्षित छोड़ने, ले जाने और वाहनों की सुरक्षित पार्किंग की पुख्ता व्यवस्था होनी चाहिए।
इसके लिए जल्द ही स्कूल संचालकों के साथ बैठक की जाएगी और सभी वाहन चालकों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इसके अलावा, नो-एंट्री वाले क्षेत्रों में कैमरे लगाने और जिले के सभी चिह्नित ब्लैक स्पॉट्स को खत्म करने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना बनाने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कहा गया कि बरसात के समय गौ-वंश सड़क पर आ जाते हैं, अत: उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करें। बैठक में वन विभाग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये गये।
