ईमानदारी, गुणवत्ता और जिम्मेदारी की पहचान बने उपयंत्री विनय सिंह गहरवार, उत्कृष्ट कार्यों पर जिला पंचायत सीईओ ने किया सम्मानित

वर्षों की निष्कलंक सेवा से बनाई अलग पहचान, हर निर्माण स्थल पर घंटों रहकर करते हैं निरीक्षण

(कटनी/बड़वारा) ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार प्रत्येक वर्ष करोड़ों रुपये खर्च करती है। इन योजनाओं का उद्देश्य गांवों में मजबूत सड़कें, टिकाऊ नालियां, गुणवत्तापूर्ण शासकीय भवन और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि कई बार प्रदेश और जिले के विभिन्न हिस्सों से निर्माण कार्यों में लापरवाही, घटिया सामग्री के उपयोग और गुणवत्ता से समझौते की शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे समय में यदि कोई अधिकारी अपनी ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर विकास कार्यों की अलग पहचान बना ले, तो वह निश्चित रूप से चर्चा का विषय बन जाता है।

जनपद पंचायत बड़वारा में पदस्थ उपयंत्री विनय सिंह गहरवार ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्होंने अपनी कार्यशैली से ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के बीच विश्वास की एक मजबूत पहचान बनाई है। बताया जाता है कि उनके कार्यक्षेत्र की ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्य केवल कागजों पर नहीं चलते, बल्कि वे स्वयं मौके पर पहुंचकर तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करते हैं।

खिरहनी से करौंदीकला तक गुणवत्ता की निगरानी

उपयंत्री विनय सिंह गहरवार वर्तमान में जनपद पंचायत बड़वारा अंतर्गत आने वाली खिरहनी, बनगवा, कुठिया, मोहगवा, करौंदीकला सहित कई ग्राम पंचायतों में संचालित विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जानकारी के अनुसार उनके कार्यक्षेत्र में जहां भी सीसी रोड, नाली निर्माण, पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन, शासकीय भवन अथवा अन्य निर्माण कार्य प्रारंभ होते हैं, वहां वे नियमित रूप से पहुंचकर निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार वे एक-एक निर्माण स्थल पर दो-दो घंटे तक रुककर कार्यों का अवलोकन करते हैं। निर्माण सामग्री, मिक्सिंग, मोटाई, लेवल, फिनिशिंग और तकनीकी गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण करते हैं ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों पर किसी प्रकार का प्रश्नचिन्ह न लगे।

कागजी निरीक्षण नहीं, मैदान में सक्रियता

विभागीय सूत्रों के अनुसार उपयंत्री विनय सिंह गहरवार उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जो केवल फाइलों पर हस्ताक्षर करने तक सीमित नहीं रहते। वे नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कार्यों की प्रगति देखते हैं और प्रत्येक कार्य को स्वीकृत इस्टीमेट एवं तकनीकी मापदंडों के अनुरूप पूरा कराने पर जोर देते हैं।

यदि कहीं भी निर्माण कार्य में कमी दिखाई देती है तो संबंधित सचिव, सरपंच अथवा निर्माण एजेंसी को तत्काल सुधार के निर्देश दिए जाते हैं। बिना गुणवत्ता सुनिश्चित किए किसी भी कार्य को पूर्ण मानने के पक्ष में वे नहीं रहते।

सीमेंट, रेत और गिट्टी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान

ग्रामीणों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों के अनुसार उपयंत्री विनय सिंह गहरवार निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। चाहे सीमेंट की निर्धारित मात्रा हो, रेत की गुणवत्ता हो, गिट्टी का उपयोग हो या कंक्रीट की मिक्सिंग—हर बिंदु पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

उनका स्पष्ट मानना है कि सरकारी धन जनता के टैक्स का पैसा है और इसका उपयोग पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ होना चाहिए। यही कारण है कि वे निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं करते।

सचिवों और सरपंचों को भी देते हैं स्पष्ट संदेश

निरीक्षण के दौरान उपयंत्री विनय सिंह गहरवार पंचायत सचिवों एवं सरपंचों को भी समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देते हैं। वे उन्हें बताते हैं कि विकास कार्य केवल बजट खर्च करने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि गांव के भविष्य से जुड़े हुए हैं।

उनका कहना रहता है कि सरकार गांवों के विकास के लिए करोड़ों रुपये उपलब्ध कराती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और जनप्रतिनिधि का दायित्व है कि वह ईमानदारी से कार्य कर जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरे।

कटनी जिले में वर्षों की सेवा, विजयराघवगढ़ में भी निभा चुके जिम्मेदारी

उपयंत्री विनय सिंह गहरवार कई वर्षों से कटनी जिले में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वर्तमान में वे जनपद पंचायत बड़वारा में पदस्थ हैं, जबकि इससे पहले जनपद पंचायत विजयराघवगढ़ की अनेक ग्राम पंचायतों में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार लंबे कार्यकाल के दौरान उनकी कार्यशैली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने नहीं आईं। इसके विपरीत गुणवत्ता आधारित कार्यों के कारण उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है।

बेहतर कार्यशैली पर मिला प्रशस्ति पत्र

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने, जिम्मेदारीपूर्वक कार्य कराने और उत्कृष्ट प्रशासनिक योगदान के लिए जिला पंचायत कटनी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा उपयंत्री विनय सिंह गहरवार को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जा चुका है। विभागीय स्तर पर यह सम्मान उनके उत्कृष्ट कार्यों और समर्पण का प्रमाण माना जाता है।

ग्रामीणों का विश्वास बना सबसे बड़ी उपलब्धि

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जब कोई अधिकारी स्वयं निर्माण स्थल पर पहुंचकर कार्यों की निगरानी करता है तो ठेकेदार और निर्माण एजेंसियां भी गुणवत्ता से समझौता करने का साहस नहीं कर पातीं। यही कारण है कि उनके कार्यक्षेत्र में बनने वाले कई निर्माण कार्य बेहतर गुणवत्ता के उदाहरण माने जाते हैं।

ग्रामीणों का मानना है कि यदि प्रत्येक विभाग में अधिकारी इसी प्रकार जवाबदेही, ईमानदारी और तकनीकी मानकों के साथ कार्य करें तो सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा और विकास कार्यों पर उठने वाले अधिकांश सवाल स्वतः समाप्त हो जाएंगे।

“गुणवत्ता ही विकास की असली पहचान है। जब अधिकारी स्वयं जिम्मेदारी निभाता है, तभी जनता का विश्वास मजबूत होता है।”

✍️ नीरज तिवारी
          रिपोर्टर
RPKP INDIA NEWS

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें