कृषि उपज मंडियों में किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं : कलेक्टर श्री सिंह
स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, विश्राम गृह और ई-मंडी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
(जबलपुर) कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने जिले की सभी कृषि उपज मंडियों को आदर्श मंडियों के स्वरूप में विकसित करने के निर्देश अधिकारियों को दिये हैं। श्री सिंह कृषि उपज मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर आज सोमवार को आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि उपज मंडियों में किसानों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, विश्राम गृह, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाएं हर समय अच्छी स्थिति में रहनी चाहिए।
कलेक्टर कार्यालय में संपन्न हुई इस बैठक में आदर्श कृषि उपज मंडी के विभिन्न प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। अपर कलेक्टर रविशंकर राय, एसडीएम अभिषेक सिंह तथा जबलपुर, सिहोरा, पाटन एवं शहपुरा कृषि उपज मंडी के सचिव उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सभी मंडी अधिकारी नियमित रूप से मंडियों का निरीक्षण करें और प्रत्येक माह निर्धारित प्रारूप में लिखित निरीक्षण रिपोर्ट तैयार करें। उन्होंने मंडियों में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करने तथा किसानों और व्यापारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में ई-मंडी व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मंडियों में आवक पंजीयन, नीलामी, अनुबंध, तौल और भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि मंडी के बाहर कृषि उपज का व्यापार होने की स्थिति पर भी नजर रखी जाए। उन्होंने ऑनलाइन और बड़े रिटेल प्लेटफॉर्म के माध्यम से फल एवं सब्जियों का व्यापार करने वाले संस्थानों की जांच कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि संबंधित उत्पादों पर नियमानुसार मंडी शुल्क का भुगतान किया गया है या नहीं।
बैठक में सीसीटीवी, ग्रेडिंग एवं क्लीनिंग संयंत्र, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, भंडार गृह, कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चेंबर, किसान बाजार, आरओ पेयजल, कैंटीन, विश्राम गृह, साफ-सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था और सोलर पैनल सहित आदर्श मंडी के विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर ने जिन मंडियों में आवश्यकता हो वहां कोल्ड स्टोरेज और राइपनिंग चेंबर के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडियों में संचालित कैंटीन, पांच रुपए में भोजन योजना, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और विश्राम गृह का नियमित निरीक्षण करने तथा आवश्यक सुधार कार्य समय पर कराने कहा।
श्री सिंह ने सभी अधिकारियों से कहा कि आदर्श मंडी के सभी प्रावधानों का अध्ययन कर आवश्यक तैयारियां शुरू करें। उन्होंने कहा कि मंडियों का निरीक्षण करने के बाद किसानों, व्यापारियों और उनके संगठनों के साथ बैठक कर सुझाव लिए जाएं, ताकि मंडियों की व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जा सके।
