नीट पेपर लीक मुद्दे पर कांग्रेस सुझाव देने की बजाय, भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रही
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी केंद्र सरकार : हेमंत खण्डेलवाल
दतिया/भोपाल (RPKP INDIA NEWS) भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस और राहुल गांधी द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को लेकर दतिया में पत्रकार-वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी नीट पेपर लीक के मामले पर संसद में सार्थक चर्चा की बजाय बच्चों को गुमराह कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पेपर लीक से जुड़े सभी प्रकरणों की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का निर्णय लिया है। पेपर लीक में जो भी दोषी होगा सभी पर कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार पेपर लीक मामले का समाधान चाहती है, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बनाना चाहते हैं। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बनाकर रखना चाहते हैं। केंद्र सरकार सभी विषयों पर सार्थक चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस सुझाव देने की बजाय भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रही है। संविधान में संवाद का स्थान संसद है, कांग्रेस संसद में बहस से बचकर संविधान का विरोध कर रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सभी मामलों को जल्दी से जल्दी निस्तारण कर दोषियों को कठोर दण्ड दिलाया जाएगा।
नीट पेपर लीक मामले में प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि ट्रॉयल में देरी न हो
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले के आरोपियों पर सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मुकदमा चलाया जाएगा। इसका मकसद सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, सॉल्वर गैंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग और अन्य अनुचित तरीकों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। बॉम्बे, कलकत्ता, दिल्ली और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में अदालतों में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित होने वाली हैं। नीट पेपर लीक से जुड़े मामलों की प्रतिदिन सुनवाई होगी, ताकि जांच और ट्रायल में देरी न हो और जल्दी फैसला आ सके। विशेष अदालतों के गठन से न सिर्फ आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज होगी, बल्कि सार्वजनिक परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और पुख्ता होगी। साथ ही भविष्य में पेपर लीक और संगठित नकल जैसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में भी मदद मिलेगी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अपनी जांच लगभग पूरी कर चुकी है और जल्द ही 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
आखिर संसद में चर्चा से क्यों भाग रहे कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि यह समय राजनीति का नहीं है, बावजूद इसके कांग्रेस, राहुल गांधी और इंडी गठबंधन के नेता छात्रों के संवेदनशील विषय पर भी राजनीति कर रहे हैं। केंद्र सरकार संसद में चर्चा के लिए जब तैयार है, तब भी राहुल गांधी चर्चा करने को तैयार नहीं है। आखिर राहुल गांधी संसद में चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। दरअसल राहुल गांधी की मंशा नीट पर चर्चा करने की नहीं, छात्रों को गुमराह कर अराजकता फैलाने की है। मैं मानता हूं कि छात्रों और छात्रों से जुड़े विषयों का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। छात्र भी यही चाहते हैं कि इस विषय का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। कांग्रेस और विपक्षी दलों को जिस नियम के तहत संसद में चर्चा करानी हो, जितनी देर तक चर्चा करानी हो, नीट और उससे जुड़े हर मुद्दे पर सदन में चर्चा के लिए केन्द्र सरकार तैयार है। लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस ही चर्चा करने से भाग रहे हैं।
परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाने के लिए कड़े कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विपक्ष के साथ मिलकर संसद में नीट और उससे जुड़े हर मुद्दे पर सार्थक चर्चा करने के लिए तैयार है। परीक्षा को लीक-प्रूफ बनाने के लिए कई कड़े कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाए गए हैं। राहुल गांधी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल संसद को बंधक बनाकर रखना चाहते हैं, कामकाज नहीं होने देना चाहते। केंद्र सरकार चाहती है कि विपक्ष के पास भी यदि नीट पेपर लीक को लेकर कोई सुझाव हैं तो सदन में चर्चा कर उसे बताए, लेकिन राहुल गांधी, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के लोगों की मंशा युवाओं को गुमराह करना है। जनता द्वारा बार-बार नकारी गई कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दल छात्रों के मुद्दे पर भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेंक रहे हैं। हमारी सरकार छात्रों को किसी भी स्थिति में बदनाम नहीं होने देगी। कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार में भी कई बार पेपर लीक हुए हैं, लेकिन कभी किसी पर कार्रवाई नहीं हुई परंतु हमारी सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है। केंद्र सरकार ने दर्जनों गिरफ्तारियां कराने के साथ एक महीने में तीन लीक-प्रूफ परीक्षाएं आयोजित कराई हैं। कांग्रेस के शासनकाल में शिक्षा का बजट केवल 8225 करोड़ था, वहीं वर्तमान में यह बजट बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रूपए हो गया है। एम्स, आईआईटी, टेक्निकल कॉलेज सहित अधिकांश महाविद्यालयों में छात्रों को अधिक से अधिक प्रवेश सुनिश्चित कराने के लिए सीटों की संख्या में काफी वृद्धि की गई है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पेपर लीक जैसे घटनाओं के स्थायी समाधान के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
✍️ (संतोष प्रसाद तिवारी)
मीडिया प्रभारी
भाजपा मंडल कैमोर
