मैहर में गैस की कालाबाजारी उजागर करने गए पत्रकार से बदसलूकी, दबंगों में पुलिस का खौफ खत्म
मैहर (RPKP INDIA NEWS) मध्य प्रदेश के मैहर जिले के भदनपुर में कानून व्यवस्था और प्रेस की आजादी पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। भदनपुर स्थित चौपड़ा इंडेन गैस एजेंसी पर पिछले 3 महीनों से चल रही गैस की कालाबाजारी की कवरेज करने गए एक स्थानीय पत्रकार के साथ सरेआम गाली-गलौज और हाथापाई की गई। इस घटना ने साफ कर दिया है कि इलाके में रसूखदारों के मन से पुलिस और प्रशासन का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
उपभोक्ताओं से ओटीपी का खेल और कालाबाजारी स्थानीय निवासियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, शुक्रवार 24 जुलाई 2026 को एक स्थानीय पत्रकार जमीनी हकीकत जानने चौपड़ा इंडेन गैस एजेंसी पहुंचा। वहां मौजूद उपभोक्ताओं ने कैमरे पर एजेंसी की बड़ी धांधली का खुलासा किया। ग्राहकों का आरोप है कि गैस सिलेंडर बुक करने के बाद एजेंसी से उनके पास फोन आता है और ओटीपी (OTP) मांगा जाता है। ओटीपी देने पर ग्राहकों से कहा जाता है कि सिलेंडर एक-दो दिन में मिलेगा। लेकिन जब ग्राहक एजेंसी पहुंचता है, तो स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाकर उसे खाली हाथ लौटा दिया जाता है। ओटीपी न देने पर यदि ग्राहक फोन पर ओटीपी देने से मना कर दे, तो एजेंसी पहुंचने और सामने ओटीपी देने के बावजूद उसे सिलेंडर नहीं दिया जाता और परेशान किया जाता है।

उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस ओटीपी के खेल के जरिए गैस सिलेंडरों को अवैध रूप से ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सच दिखाने पर पत्रकार से हाथापाई, रसूखदार की खुली चुनौती जब पत्रकार इस पूरी समस्या को लेकर उपभोक्ताओं के बयान दर्ज कर खबर बना रहा था, तभी मौके पर एजेंसी प्रोपराइटर उमाशंकर जायसवाल के पिता बेडिलाल जायसवाल वहां पहुंच गए। सच उजागर होता देख बेडिलाल जायसवाल अपना आपा खो बैठे। उन्होंने पत्रकार के काम में बाधा डालते हुए न सिर्फ सरेआम गाली-गलौज की, बल्कि उनके साथ हाथापाई भी शुरू कर दी। इतना ही नहीं, दबंगई दिखाते हुए बेडिलाल जायसवाल ने पत्रकार को खुलेआम चुनौती दी और कहा, तुम्हें जहां शिकायत करनी है कर दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।
प्रशासन के खौफ पर उठे सवाल
एक तरफ प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा और सुशासन के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ मैहर के भदनपुर में सरेराह एक पत्रकार को सच दिखाने पर निशाना बनाया जाता है। आरोपी का यह कहना कि उसे किसी का फर्क नहीं पड़ता , यह दर्शाता है कि स्थानीय पुलिस और खाद्य विभाग के संरक्षण के चलते ही इन कालाबाजारियों के हौसले इतने बुलंद हैं। इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पत्रकार जगत में भारी आक्रोश है।
घटना के तुरंत बाद पत्रकार ने बदेरा थाना पहुंच कर अपनी शिकायत दर्ज करवाई , अब देखना यह है कि मैहर पुलिस प्रशासन और जिला कलेक्ट्रेट इस पर क्या एक्शन लेते हैं। क्या गैस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त होगा और पत्रकार से मारपीट करने वाले पर कार्रवाई होगी, या यह मामला भी रसूख के दम पर दबा दिया जाएगा?
