बरही में ‘आतंकी’ कुत्ते का खौफ: 13 वर्षीय बालक पर हमला, कई लोगों को काटने के आरोप; जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठे बड़े सवाल
बरही (RPKP INDIA NEWS) बरही नगर में आम नागरिकों की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। नगर के वार्ड क्रमांक-7 स्थित बिहारी जी मंदिर के आसपास एक कथित रूप से आक्रामक कुत्ते के आतंक से लोग दहशत में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कुत्ता अब तक कई लोगों को काट चुका है, लेकिन नगर परिषद द्वारा न तो उसे पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाया गया और न ही कथित रूप से उसे पालने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की गई। ताजा घटना में 13 वर्षीय मासूम सुरेश बर्मन उर्फ डुग्गू बर्मन भी इस कुत्ते का शिकार हो गया, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है।
मंदिर के पास खेलना पड़ा भारी, अचानक किया हमला
शिकायत के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को शाम लगभग पांच बजे सुरेश बर्मन अपनी बुआ के घर वार्ड क्रमांक-7 गया हुआ था। इसी दौरान बिहारी जी मंदिर के पास अचानक एक कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसके दाएं पैर में गंभीर रूप से काट लिया। बालक दर्द से चीखने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने साहस दिखाते हुए डंडों की सहायता से कुत्ते को भगाया, जिससे बालक की जान बच सकी। इसके बाद उसे तत्काल बरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के साथ रेबीज का इंजेक्शन लगाया गया।
‘यह पहली घटना नहीं’, पहले भी कई लोगों को बना चुका है शिकार
स्थानीय लोगों एवं पीड़ित परिवार का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आरोप है कि संबंधित कुत्ता इससे पहले भी कई लोगों को काट चुका है। इसके बावजूद नगर परिषद की ओर से न तो उसे पकड़ने की ठोस कार्रवाई की गई और न ही क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई प्रभावी कदम उठाया गया। लगातार हो रही घटनाओं के कारण वार्ड के लोग भय के माहौल में जीवन जीने को मजबूर हैं।
सूत्रों का बड़ा दावा—’कुत्ता किसका है, कुछ कर्मचारियों को पहले से है जानकारी’
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आ रही है कि सूत्रों के अनुसार नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों को काफी समय से यह जानकारी होने की चर्चा है कि संबंधित कुत्ता किस व्यक्ति द्वारा पाला जाता है। इसके बावजूद न तो कुत्ते को पकड़ने की गंभीर कोशिश की गई और न ही कथित रूप से उसे पालने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कोई कार्रवाई की गई।
यदि यह जानकारी सही पाई जाती है, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही का मामला नहीं रहेगा, बल्कि यह भी सवाल उठेगा कि आखिर बार-बार लोगों के घायल होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी आखिर किस कारण से मौन बने रहे? हालांकि, इस संबंध में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार?
नगरवासियों का कहना है कि यदि एक ही कुत्ता लगातार लोगों को काट रहा है और शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंच रही हैं, तो ऐसे में तत्काल कार्रवाई होना चाहिए थी। लोगों का सवाल है कि क्या नगर परिषद किसी मासूम की जान जाने या किसी गंभीर दुर्घटना का इंतजार कर रही है? यदि समय रहते ऐसे आक्रामक कुत्तों को नियंत्रित नहीं किया गया तो भविष्य में और भी बड़ी घटनाएं सामने आ सकती हैं।
आवारा या पालतू? जांच से खुलेगा पूरा सच
घटना के बाद यह सवाल भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि संबंधित कुत्ता वास्तव में आवारा है या किसी व्यक्ति द्वारा पाला जा रहा है। यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि कुत्ता किसी व्यक्ति के नियंत्रण में था और उसकी लापरवाही के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ी, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं यदि कुत्ता आवारा है तो नगर परिषद की जिम्मेदारी बनती है कि वह पशु नियंत्रण अभियान चलाकर ऐसे आक्रामक कुत्तों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की व्यवस्था करे।
नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न
लगातार हो रही घटनाओं के बाद नगर परिषद की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। लोगों का कहना है कि शिकायतें देने के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती, तो आम नागरिक आखिर किससे अपनी सुरक्षा की उम्मीद करें? नगर परिषद का दायित्व केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि नगरवासियों के जीवन और सुरक्षा से जुड़े खतरों को समय रहते नियंत्रित करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
जनता का सवाल—जिम्मेदारी कौन लेगा?
बरही नगर की जनता अब जवाब चाहती है। यदि लगातार शिकायतों और घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई नहीं करता, तो नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होना स्वाभाविक है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार की शिकायत के बाद नगर परिषद और संबंधित अधिकारी क्या कदम उठाते हैं। क्या इस बार कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहेगी, या फिर वास्तव में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे? यही सवाल आज पूरे बरही नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पीड़ित परिवार ने की मांग
पीड़ित बालक के पिता भगवत बर्मन, निवासी ग्राम करेला, ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अपने आवेदन में कहा है कि संबंधित कुत्ते को तत्काल पकड़कर ऐसी जगह छोड़ा जाए, जहां वह दोबारा किसी व्यक्ति को नुकसान न पहुंचा सके। साथ ही यदि जांच में यह सामने आता है कि कुत्ता किसी व्यक्ति द्वारा पाला जा रहा था, तो उसके मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा नगर परिषद से पूरे नगर में विशेष अभियान चलाकर आक्रामक एवं आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में किसी और मासूम को इस तरह की घटना का शिकार न होना पड़े।
✍️ नीरज तिवारी
RPKP INDIA NEWS
बरही

