पांच ग्रामों में रेक्स्यू आपरेशन कर लोगो को सुरक्षित निकाला गया –

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( विदिशा )

    विदिशा तहसील में अतिवृष्टि एवं नेवन नदी के उफान के कारण पांच ग्रामों हुस्नापुरा, पांझ, लालाखेडी, अहमदनगर एवं ठर्र ग्राम में जलभराव हो जाने के कारण उपरोक्त ग्रामो के 260 व्यक्तियों को रेस्क्यू आपरेशन कर सुरक्षित स्थल पर लाया गया है।
कलेक्टर डॉ पंकज जैन, पुलिस अधीक्षक श्री विनायक वर्मा ने संयुक्त रूप से बाढ प्रभावित ग्रामों में मोटर वोट से पहुंचकर प्रभावितों को ढांढस बंधाते हुए उन्हें सुरक्षित स्थलों पर अपनी निगरानी में लाए है।
कलेक्टर डॉ जैन ने बाढ़ से प्रभावितों के ठहरने हेतु राहत शिविर ओलम्पस स्कूल एवं ग्राम धतूरिया का मीडिल स्कूल व सामुदायिक भवन में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
कलेक्टर डॉ जैन ने एसडीएम श्री गोपाल सिंह वर्मा को निर्देश दिए कि प्रभावितो को राहत शिविर में ठहराने के दौरान किसी भी प्रकार की तकलीफ ना हो का विशेष ध्यान रखा जाएं। उन्होंने शिविर में चिकित्सक की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए सभी के लिए भोजन, पीने के लिए पानी तथा बिस्तर एवं अन्य वस्त्रों के संबंध में आवश्यक निर्देश देते हुए पूर्ति सुनिश्चित कराई है।
एसडीएम श्री गोपाल सिंह वर्मा ने बताया कि विदिशा अनुविभाग क्षेत्र में बाढ़ एवं अतिवृष्टि के कारण 17 ग्रामों में आंशिक तौर पर पानी भर गया है। जबकि पांच ग्रामों के लोग पानी से घिर जाने के कारण उन सभी को रेस्क्यू आपरेशन करते हुए होमगार्ड की सहायता से वोटो के माध्यम से सुरक्षित स्थलों पर लाया गया। ततपश्चात् राहत शिविरों में पहुंचाने के लिए वाहनो तथा बसो के माध्यम से भेजा गया है। प्रशासन द्वारा बाढ पीड़ितों के लिए तमाम बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित कराई गई है।

    कुरवाई में पुल पर बेरिकेट्

कुरवाई एसडीएम श्रीमती आरती यादव ने बताय कि बेतवा नदी का पानी पुल की सतह के ऊपर से निकल रहा है इस कारण से दोनो तरफ बेरिकेट्स लगाए गए है। बीना के तरफ से आने वाले वाहनो को लायरा में तथा विदिशा सिरोंज की तरफ से आने वाले वाहनो को मेहलुआ चौराहे पर रोका गया है। अभी बेतवा नदी खतरे से साढे सात फीट नीचे बह रही है किन्तु नदी का पानी बडे़ पुल पर आने के कारण  सुरक्षा के एहतियात हेतु तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए है।
एसडीएम श्रीमती आरती यादव ने बताया कि कुरवाई अनुविभाग क्षेत्र में सगड़ गांव पानी बढ़ने से टापू के रूप में परलिक्षित होने लगता है। उक्त गांव के 22 परिवार को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने का कार्य पूरा किया गया है।

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