टीकमगढ़ के चंद्रपुरा में अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम की कलेक्टर ने की सराहना, ‘अथाई’ में दिखी बुंदेली संस्कृति की झलक
ग्रामीणों से संवाद कर कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने जाना ड्रेनेज व्यवस्था का हाल, पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार कार्य का भी किया निरीक्षण
टीकमगढ़। RPKP INDIA NEWS जनपद पंचायत बल्देवगढ़ की ग्राम पंचायत चंद्रपुरा में विकसित किए गए चैंबर आधारित अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम का कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर इस व्यवस्था की उपयोगिता, संचालन और रखरखाव की जानकारी ली। साथ ही ग्राम पंचायत के अन्य विकास कार्यों का भी जायजा लिया।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम से गांव में खुले नालों की समस्या काफी हद तक खत्म हुई है। इससे गलियों में स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिल रही है और गंदगी के कारण होने वाली समस्याओं में भी कमी आई है। ग्रामीणों ने बताया कि ड्रेनेज सिस्टम में बनाए गए चैंबरों की सफाई वे स्वयं भी कर लेते हैं।
ग्रामीणों से जाना ड्रेनेज सिस्टम का अनुभव
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने ग्रामीणों से ड्रेनेज सिस्टम के संचालन और रखरखाव के बारे में जानकारी ली। उन्होंने यह भी जाना कि व्यवस्था के उपयोग के दौरान ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है।
चंद्रपुरा में विकसित चैंबर आधारित भूमिगत ड्रेनेज व्यवस्था को ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में स्थानीय स्तर के नवाचार के तौर पर देखा जा रहा है। हाल ही में टीकमगढ़ जिले की भूमिगत ड्रेनेज और ग्रे-वाटर प्रबंधन व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान मिला है।

पुरानी बावड़ी के जीर्णोद्धार का भी निरीक्षण
कलेक्टर ने ग्राम पंचायत द्वारा पुरानी बावड़ी के किए जा रहे जीर्णोद्धार कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली तथा जल संरक्षण से जुड़े ऐसे प्रयासों को लगातार प्रोत्साहित करने की बात कही।
‘अथाई’ में सहेजी जा रही बुंदेली संस्कृति
कलेक्टर ने चंद्रपुरा ग्राम पंचायत के हरिनगर गांव में विकसित की गई ‘अथाई’ का भी निरीक्षण किया। ग्रामीणों के सार्वजनिक बैठक स्थल को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ते हुए इसे ‘अथाई’ के रूप में विकसित किया गया है।
‘अथाई’ की दीवारों पर पुराने और प्रचलित बुंदेली शब्दों को लिखा गया है। इसके अलावा बुंदेली रंगोली, लोक चित्रण और बुंदेली वास्तुकला से जुड़े प्रतीकों को भी स्थान दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय भाषा और संस्कृति को ग्रामीणों, विशेषकर नई पीढ़ी से जोड़ना है।
स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों पर जोर
कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने ग्राम पंचायत द्वारा किए गए विकास कार्यों और नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्थानीय जरूरतों और संस्कृति को ध्यान में रखकर किए जाने वाले प्रयासों से ग्रामीणों की सहभागिता बढ़ती है और गांव को स्वच्छ, सुंदर एवं अपनी विशिष्ट पहचान से जोड़ने में मदद मिलती है।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ओपी गुप्ता, जिला पंचायत के जिला समन्वयक मनीष जैन और सरपंच विदेह संजीव पाठक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
✍️ शिवराज सिंह
RPKP INDIA NEWS
टीकमगढ़

