
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरूण कुमार सिंह के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रीवा के अंतर्गत करोना संक्रमण के समस्त मापदण्डों का पालन करते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विपिन कुमार लवानिया द्वारा बाल भवन में विधिक साक्षरता शिविर/निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अभय कुमार मिश्रा ने कहा कि नालसा बाल मैत्रीपूर्ण विधिक सेवा योजना के तहत बालकों से संबंधित संस्थाओं में रह रहे बालकों को प्राप्त होने वाली शिक्षा, आहार, स्वास्थ्य, विधिक समस्याएं, कला प्रोत्साहन व बालकों के कल्याण से संबंधित सुविधाओं के संबंध में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री विपिन कुमार लवानिया के द्वारा समय-समय पर निरंतर निरीक्षण कर बालकों को मिल रही सुविधाओं के संबंध में समीक्षा व संस्थाओं के संचालकों को सुविधाओं के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिये जाते हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बाल भवन का निरीक्षण किया गया। श्री लवानिया ने कहा कि बाल भवन का उद्देश्य बच्चों में नैसर्गिक, कलात्मक, रचनात्मक एवं सांस्कृतिक क्षमता का विकास करना व उन क्षमताओं को बढ़ाना एवं बच्चों की प्रतिभाओं को खोजकर उनकी प्रतिभा को जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान कर पहचान दिलाना है। उन्होंने बाल भवन में प्राप्त होने वाली सुविधाओं के संबंध में समीक्षा की और वहां के संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बाल भवन के सहायक संचालक रमेश कुमार रजक, आरती चतुर्वेदी, वर्षा गुप्ता व बाल भवन के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।