म0प्र0 दिवस कार्यक्रम में विधायक अनूपपुर ने ध्वजारोहण कर ली सलामी

म0प्र0 दिवस समारोह गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न म0प्र0 दिवस कार्यक्रम में विधायक अनूपपुर ने ध्वजारोहण कर ली सलामी
म0प्र0 दिवस कार्यक्रम में विधायक अनूपपुर ने ध्वजारोहण कर ली सलामी
अनूपपुर 01 नवंबर 2019/ जिला मुख्यालय अनूपपुर में मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम शा. उत्कृष्ट उ0मा0वि0 अनूपपुर के प्रांगण में गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अनूपपुर बिसाहूलाल सिंह ने ध्वजारोहण कर सलामी ली तथा प्रदेश की जनता के नाम प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के संदेश का वाचन किया। इस अवसर पर उन्होंने मध्यप्रदेश के विकास के लिए अपना उत्कृष्ट सहयोग देने संबंधी सामूहिक शपथ भी दिलाई। कार्यक्रम में राष्ट्रगान, म0प्र0 गान एवं वन्देमातरम् का सामूहिक गायन भी किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमो की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रूपमती सिंह, कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर, पुलिस अधीक्षक किरणलता केरकेट्टा, नगरपालिका अनूपपुर के प्रशासकीय समिति के अध्यक्ष रामखेलावन राठौर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सरोधन सिंह, अपर कलेक्टर बी.डी. सिंह, वन मंडलाधिकारी एम.एन. भगतिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुपम राजन, एसडीएम कमलेश पुरी, एसडीओपी उमेश गर्ग, तहसीलदार भागीरथी लहरे, जयप्रकाश अग्रवाल सहित शहीदों के परिजन, व्यापारी, बुद्धिजीवी, शिक्षक, विद्यार्थी, प्रिन्ट एवं इलेक्ट्राॅनिक मीडिया के पत्रकार, विभिन्न विभागों के शासकीय सेवक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत के मीडिया अधिकारी अमित श्रीवास्तव एवं प्राचार्य लतिका श्रीवास्तव द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक अनूपपुर बिसाहूलाल सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ का जनता के नाम संदेश को दोहराते हुए कहा कि प्रिय बहनो और भाइयो, मध्यप्रदेश के 64 वें स्थापना दिवस की प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई। मध्यप्रदेश के गठन के ठीक 68 दिन बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री और नये भारत के निर्माण के आदिशिल्पी पं. जवाहरलाल नेहरू ने 7 जनवरी, 1957 को मांडू की सभा में कहा था कि ‘‘मुझे इस बात का विश्वास है कि यह प्रदेश बहुत तरक्की करेगा। यहाँ तरक्की का बहुत अच्छा सामान है। मैं चाहता हूँ कि यहाँ की जनता आगे बढ़े, लेकिन याद रखे कि आगे तो हम अपने आप से बढ़ते हैं। आपस में मिलकर, प्रेम से रहकर, आप अपना अच्छी तरह काम करें और नए-नए काम सीखें। इसी से आपकी, आपके पड़ोसियों की और गाँव की, सबकी भलाई होगी और देश को भी लाभ होगा।’’ आज 63 वर्षों के बाद मध्यप्रदेश पं. नेहरू की आशाओं का प्रदेश बन पाने की ओर अग्रसर है, इतना मैं जरूर कह सकता हूँ।
मध्यप्रदेश भारत का हृदय प्रदेश है, तो जाहिर है कि यह समूचे देश की धड़कन है। यहाँ की भौगोलिक सुंदरता, घने जंगल, सांस्कृतिक पृष्ठ भूमि और ऐतिहासिक विरासत- सभी इसे अनोखा बनाते हैं। हमारा मध्यप्रदेश अपने सम्पूर्ण वैभव के साथ देश के मानचित्र पर एक अलग ही स्थान रखता है।
हमारा मध्यप्रदेश अपने गठन के बाद भौगोलिक, सांस्कृतिक, प्रशासनिक, आचार-विचार और समरस भाव के साथ जिस तरह एकीकृत हुआ, वह बेमिसाल है। यह सही मायने में विविधता में एकता का अनुपम उदाहरण है। यही वजह है कि हमारा प्रदेश देश का बहुरंगी प्रदेश बन पाया।
अलग-अलग बोली और बाने के साथ प्रदेश की अब तक की अनूठी यात्रा हमें गौरवान्वित करती है। अब हमारे सामने लक्ष्य है-अपरिमित वैभव के धनी मध्यप्रदेश के लोगों की तरक्की और खुशहाली। मेरा हमेशा ये मानना रहा है कि किसी प्रदेश की तरक्की और विकास को जीडीपी या अन्य दूसरे आँकड़े जनोपयोगी अर्थों में परिभाषित नहीं कर पाते, इसका सही पैमाना है-लोगों की खुशहाली, रोजगार, लाभदायी खेती, प्राकृतिक सम्पदा का शोषण नहीं संतुलित दोहन, शांति, शिक्षा-स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएँ, सर्वधर्म समभाव, जनोन्मुखी शासन-प्रशासन और सबसे बढ़कर लोगों का अपनी शक्ति में विश्वास साथ ही पानी, बिजली, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ और शहरों और गाँवों का समन्वित और समान धर्मी विकास। मैं ऐसा ही मध्यप्रदेश बनाना चाह रहा हूँ।
इतिहास गवाह है कि जो समय के साथ नहीं चले वे पिछड़ गये। आज सबसे बड़ी जरूरत है कि मध्यप्रदेश देश-दुनिया के साथ हमकदम बने। हमें आज हो रहे परिवर्तनों में से अच्छे को चुनना है। सरकार के स्तर पर हम शासन-प्रशासन को परिवर्तनों के साथ जोड़ना चाहते हैं। इस दिशा में हमारे प्रयास जारी हैं और मुझे विश्वास है कि प्रदेशवासियों के सहयोग से हम इन प्रयासों को पूर्णता दे पायेंगे।
मैं आज प्रदेशवासियों को बताना चाहता हूँ कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी वर्गों के साथ मिलकर समग्र विकास का रोडमैप बना रही है। यह रोडमैप आने वाले पाँच सालों में मध्यप्रदेश को नयी दिशा देगा।
इस रोडमैप की हमारी प्राथमिकता में प्रमुख है – खेती को आधुनिक बनाना, किसानों को उपज का लाभदायी मूल्य दिलाना और मानसून पर उनकी निर्भरता कम करना, सिंचाई क्षमता में लगातार वृद्धि, पीने का साफ पानी और खेती के लिये पर्याप्त पानी की उपलब्धता, बिजली और सड़कों जैसी विकास की नींव की मजबूती। हमारे गाँवों, जहाँ प्रदेश की आधी आबादी रहती है, का विकास प्राथमिकता से करना, सत्ता का विकेन्द्रीकरण, पानी जैसी नैसर्गिक संपदा का अधिकार प्रदेशवासियों को देना, गाँवों और शहरों का एक समान विकास, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों के साथ सभी वंचित तबकों को विकास और तरक्की के भरपूर अवसरों की उपलब्धता, कानून के राज की स्थापना और महिला सशक्तीकरण भी इस रोडमैप के प्रमुख बिन्दु हैं।
सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि प्रदेश शिक्षा की गुणवत्ता में अग्रणी राज्य बने। इसके लिए हमें कड़े कदम उठाने पड़े तो उठाएंगे। आज के बदलते संदर्भों में शिक्षा और ज्ञान के तालमेल का सार्थक वातावरण बनाना हमारी प्राथमिकता है।
युवाओं का कौशल विकास हो और उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिले इसके लिए सरकार संकल्पित है। प्रदेश के बच्चे और युवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के कौशल विकास में पारंगत हों, इसके लिये भोपाल में ग्लोबल स्किल पार्क स्थापित किया जा रहा है। हमारा पूरा प्रयास है कि युवाओं को रोजगार मिले या स्वरोजगार से उन्हें जोड़ा जाए। शहरी बेरोजगारों को रोजगार और कौशल विकास के लिये मुख्यमंत्री युवा स्वाभिमान योजना हमने शुरू की है।
राज्य सरकार का यह प्रयास है कि पूरे प्रदेश में उद्योगों के प्रति एक आकर्षक वातावरण तैयार किया जाए जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक निवेश आकर्षित हो और प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिले। प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के लोगों को ही देना जरूरी किया जा रहा है। इंदौर में 18 अक्टूबर को ‘‘मैग्नीफिशेंट मध्यप्रदेश’’ का आयोजन सफल रहा है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश में वृहद, मध्यम, लघु और सूक्ष्म, सभी तरह के उद्योगों का जाल बिछाकर औद्योगिक विकास के साथ रोजगार की समस्या हल की जाये।
भारतीय मनीषा का मूल है – जननी जन्म भूमिश्च, स्वर्गादपि-गरियसी- माँ और जन्म-भूमि का स्थान स्वर्ग से भी ऊपर है। हमारी कोशिश इसी भावना के अनुरूप प्रदेश के विकास की है। यह कोशिश अकेले सरकार की नहीं होनी चाहिये। सरकार का मूल भी लोग और उनसे मिला जनादेश ही है। मैं लोगों की शक्ति को भी सरकार की शक्ति मानता आया हूँ। इसलिये मैं प्रदेशवासियों से यही आव्हान करता हूँ कि आशाओं के इस प्रदेश को हम विश्वास का प्रदेश बनाने में पूरे प्राणपण से जुटे रहें।
मुझे विश्वास है कि सरकार की सुस्पष्ट नीतियों, सभी वर्गों के कल्याण के कार्यक्रमों और संकटों को अवसरों के रूप में देखने का भाव मध्यप्रदेश को अब आगे ही आगे बढ़ायेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश बदला हुआ प्रदेश होगा, जिसका साक्षी देश ही नहीं विश्व होगा।

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