!.बुंदेलखंड में अवैध उत्खनन रेत के खेल को लेकर छतरपुर जिला प्रदेश से लेकर देश मे भी सुर्खियों में: पुलिस बनी तमाशा बीन, रुपयों की चकाचौंध में बोना प्रशासन.!!
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पंकज पाराशर छतरपुर
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का गोयरा थाना जहां पर पोस्टिंग के लिए लंबी बोलियां लगती है, जिले में पहले से ही सभी थानों में स्थान्तरण की सर्जरी हो गयी थी,लेकिन तभी अचानक लगभग डेढ़ माह पूर्व जिले में सिर्फ एक थाने प्रभारी का स्थानांतरण किया गया वहां पर पदस्थ एसआई जसवंत सिंह को हटाकर राजकुमार यादव एसआई को गोयरा थाना भेजा गया l
रेत के खेल में रामपुर नम्बर वन रहा है लेकिन आज रामपुर के जो हालात है वो शायद पहले कभी न थे…
रामपुर में अगर जंगल राज कहा जाय तो अतिश्योक्ति नही होगी ,आलम ये है कि सड़क के दोनों ओर एलएनटी मशीनों से खुलेआम उत्खनन हो रहा है, ईमानदारी का तमगा प्राप्त अधिकारी एक बार इस क्षेत्र का गोपनीय दौरा करके देख लें तो उन्हें ये एहसास होगा कि वहां तो एक अलग ही दुनियां है,
जो भी जितना भी लिखा जाए कम है, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अकर्मण्यता , बेलगाम पुलिस, भ्रस्ट राजस्व विभाग, सेटिंगबाज खनिज तन्त्र ये सारे शब्द बिल्कुल भी कम है इनके लिए,
रोजाना 5 सौ से लेकर 1हजार गाड़िया यहां से लोड हो रही..
डम्प जो स्वीकृत थे उनकी रेत 10 दिन पहले खत्म जो चुकी है और इसका प्रतिवेदन, पंचनामा नायब तहसीलदार सरबई द्वारा आला अधिकारियों को भेजा भी जा चुका है l
फिर भी सब भ्रष्ट है ,भ्रष्टाचार चरम को भी लांघ चुका है , राजकुमार यादव थाना प्रभारी हो या यहाँ का चर्चित आर आई सूर्यमणि मांझी जमकर भ्रष्टाचार करा रहे है थाना पभारी के आवास से लेकर थाने तक लग्जरी गाड़ियों का तांता लगा रहता है ,हो भी क्यों न गोयरा में पदस्थ थाना प्रभारी का रुतबा तो एसपी से बढ़कर दिख रहा है l
कार्यवाही के नाम पर बीते दिनों 10 एलएनटी मशीन पकड़ी गई, छोटी मछलियो को टारगेट किया गया बड़े मगरमच्छ टीम की मौजूदगी में काम करते रहे क्यों न करे सब सेटिंग है और सत्ताधारियों का दबाव भी, एसआई राजकुमार की बात करें तो विवादों से इनका पुराना नाता है,और अब उनके वक्त है बदलाव के साथ अच्छे दिन आ गए है औरअब वी रेत माफियाओ को जमकर सरंक्षण देते हुए उसका लाभ ले रहे है,और अब राजकुमार का गोयरा थाना उनके लिए किसी महल से कम नही l
