प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर अभियान पथ व्यवसायियों के लिए वरदान साबित हो रही है। कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान स्ट्रीट वेंडर का व्यवसाय बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत पथ विक्रेताओं को ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई गयी जिसका परिणाम है कि फुटपाथ पर ठेला लगाकर व्यवसाय करने वाले पुनः अपना व्यवसाय प्रारंभ कर पाये जिससे उनका व्यापार धीरे धीरे बड़ने लगा है।
सिंगरौली जिले की चौपाटी पर के पास चाट ठेला लगाने वाले मुन्ना का व्यवसाय भी कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान बंद था। वह सिंगरौली में किराये के मकान में अपनी माँ, पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। उनके सामने व्यवसाय बंद होने से जहां एक ओर घर का खर्च चलाना मुश्किल था वहीं दूसरी ओर वह मकान का किराया भी नहीं दे पा रहे थे। लॉकडाउन खुलने पर स्ट्रीट वेंडर के लिये आत्मनिर्भर निधि योजना मुन्ना जैसे अनेक लोगो साबित हुई। योजना अंतर्गत पंजीन कराने के पश्चात उन्हे यूनियन बैक की शाखा संजय नगर से दस हजार का ऋण मिला अब वह फिर से अपना चाट का ठेला लगाने लगे हैं। मुन्ना ने बताया कि इस राशि से उन्होंने अपना व्यवसाय बढ़ाया और फिर से जीवन पटरी पर लौटने लगा है अब वह प्रतिदिन 300 से 400 सौ रूपये कमा लेते हैं। वह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को धन्यवाद देते हुए कहते हैं कि यह योजना हम जैसे पथ व्यवसायियों के लिये वरदान है जिससे हम अपना व्यवसाय सुदृढ़ कर पाने में सक्षम हो पा रहे हैं। वह कहते हैं कि ऋण राशि समय पर लौटा देगे ताकि बैंक से आगे भी उन्हें आर्थिक मदद मिल सके। मुन्ना ने प्रधानमंत्री आवास के लिये भी 20 हजार रूपये जमा किये हैं उन्हें उम्मीद है कि शीघ्र ही उनको स्वंय का पक्का आवास मिल जायेगा।