अब गांव में ही फलों का ठेला लगायेंगे श्रवण कुमार

कटनी  कटनी जिले के विकासखण्ड ढीमरखेड़ा के ग्राम बरेली रामपुर निवासी श्रवण कुमार सेन महाराष्ट्र के नागपुर में फल ठेला लगाकर किसी तरह अपने परिवार का गुजारा कर रहे थे। कोरोना वायरस संक्रमण की महामारी और लॉकडाउन में सभी प्रकार की गतिविधियां बंद होने से श्रवण कुमार का व्यवसाय भी टूट गया और वापस परिवार के साथ गृहग्राम बरेली रामपुर आ गये। गांव में कोई रोजगार करने का मन बनाकर उन्होने गांव में ही फल ठेला लगाने का फैसला किया। लेकिन पैसा कहां से मिलता, बाहरी होने से कोई कर्ज भी नहीं दे रहा था।

            गांव में ही आजीविका मिशन के समूहों से श्रवण कुमार को जानकारी मिली कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण स्ट्रीट वेण्डर योजना के तहत लौटे प्रवासियों को भी काम धंधा शुरु करने 10 हजार का ब्याज मुक्त ऋण दे रही है। श्रवण कुमार ने सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा ढीमरखेड़ा में योजना के तहत अपना आवेदन दे दिया। बिना किसी परेशानी के बैंक से 10 हजार रुपये का लोन मिलते ही श्रवण कुमार ने अब ढीमरखेड़ा में ही फल ठेला लगाने का कार्य शुरु कर दिया है और 300 से 400 रुपये की आमदनी भी उन्हें प्रतिदिन हो जाती है।

            श्रवण कुमार सेन का कहना है कि मुख्यमंत्री स्ट्रीट वेण्डर योजना हमारे जैसे बाहर के प्रांतों से लौटे प्रवासी मजदूरों, कामगारों के लिये किसी वरदान से कम नहीं है। योजना से लाभ लेकर अब अपने ही गांव में व्यवसाय शुरु किया और अच्छी भली आमदनी भी हो रही है। दस हजार का ब्याज मुक्त ऋण चुकाकर अगली बार 20 हजार रुपये का ऋण लेकर अपने व्यवसाय को और बढ़ायेंगे। श्रवण कुमार कहते हैं कि अब वे गांव में ही रहेंगे। महाराष्ट्र और नागपुर काम धन्धे की तलाश में बाहर नहीं जायेंगे।

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