आंगनबाड़ी केन्द्र के सभी कुपोषित बच्चों को पोषित करने लिया गया गोद
कलेक्टर ने अंश प्रजापति और आशीष को पोषित करने की ली जिम्मेदारी
कटनी – राष्ट्रीय पोषण माह के समापन अवसर पर कटनी जिले में नवाचार के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र के चिन्हित कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य एवं पोषण की स्थिति में सुधार लाने स्नेह सरोकार कार्यक्रम आयोजित कर जनप्रतिनिधि, शासकीय सेवकों एवं समुदाय द्वारा इन बच्चों को सुपोषण के लिये गोद लिया गया।
कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने स्वयं कटनी परियोजना महाराणा प्रताप वार्ड की आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक 155 पहुंचकर वहां अतिकम वजन के कुल दर्ज दो बच्चों अंश प्रजापति और आशीष कुशवाहा को गोद लिया। आंगनबाड़ी केन्द्र में आयोजित स्नेह सरोकार कार्यक्रम में कलेक्टर श्री सिंह ने दोनों बच्चों को पुष्प माला पहनाकर उनकी माताओं को दाल युक्त पोषण मटका और पोषण खाद्य सामग्री की किट भेंट की। कलेक्टर स्वयं इन दोनों बच्चों की पोषण गतिविधियों की मॉनीटरिंग करेंगे और आवश्यक सहयोग देकर उन्हें कुपोषण की परिधि से बाहर लाने की जिम्मेदारी उठायेंगे।
कलेक्टर श्री सिंह ने इस मौके पर बच्चों की माताओं को पोषण परामर्श देते हुये कहा कि बच्चों के प्रति साफ-सफाई, व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखें। उन्हें पत्तेदार सब्जियां, दाल इत्यादि सहित दिन में 3-4 बार भोजन देवें। उन्होने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में मास्क, सोशल डिस्टेन्सिंग, हाथ को साबुन से धोने सहित सभी आवश्यक बचाव की साधानियां रखें। कलेक्टर श्री सिंह ने स्नेह सरोकार के तहत जिले की 1712 आंगनबाड़ी केन्द्र के अतिकम वजन के कुल 2187 बच्चों को जनप्रतिनिधियों, शासकीय सेवकों और समुदाय द्वारा गोद लिये जाने पर सभी का आभार भी व्यक्त किया। इस अवसर पर जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का सन्देश देता गुब्बारा भी आकाश में छोड़ा गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग नयन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के समापन पर जिले में कलेक्टर श्री सिंह ने नवाचारी मार्गदर्शन के तहत आज के दिन आंगनबाड़ी में दर्ज सभी 2187 बच्चों को जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, शासकीय सेवकों एवं समुदाय को गोद दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषण सामग्री एकत्र करने पोषण मटके की स्थापना भी की गई है। पोषण मटके में प्राप्त पोषण सामग्री उन कम वजन के बच्चों के अभिभावकों को प्रदान की जायेगी। स्नेह सरोकार अभियान में जिले के सभी 2187 अतिकम वजन के बच्चों को एक वर्ष के भीतर कुपोषित की परिधि से बाहर लाने और जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

