सीधी में मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक, लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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(सीधी) मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, सीधी में शुक्रवार को जिला स्तरीय मातृ मृत्यु समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे ने की। बैठक में डीएचओ-1 डॉ. सुनीता तिवारी, बीएमओ सेमरिया डॉ. शिवेंद्र पटेल, बीएमओ कुसमी डॉ. विकट सिंह, बीएमओ मझौली डॉ. संदीप शुक्ला, सीबीएमओ रामपुर नैकिन डॉ. प्रेरणा पाठक, डीसीएम, समस्त ब्लॉक कम्युनिटी मोबिलाइजर, सुमन हेल्प डेस्क प्रभारी, एमएच कोऑर्डिनेटर जिला चिकित्सालय सहित सीएचओ, एएनएम एवं आशा पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।

बैठक में जिले में रिपोर्ट किए गए मातृ मृत्यु के मामलों की ब्लॉकवार गहन समीक्षा की गई। प्रत्येक प्रकरण में मृत्यु के कारणों का विश्लेषण करते हुए “थ्री डिले मॉडल” कृ घर पर निर्णय में देरी, परिवहन में देरी एवं स्वास्थ्य संस्था पर उपचार में देरी कृ के आधार पर कमियों की पहचान की गई। समीक्षा में यह सामने आया कि अधिकांश मामलों में ट्रांजिट के दौरान विलंब एवं उच्च स्वास्थ्य संस्था में रेफरल में देरी प्रमुख कारण रहे।

सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मातृ मृत्यु के मामलों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुधारात्मक उपायों पर जोर देते हुए कहा कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की शत-प्रतिशत पहचान एवं लाइन लिस्टिंग की जाए तथा उनकी सघन निगरानी सुनिश्चित की जाए। एएनसी जांच, संस्थागत प्रसव एवं समय पर रेफरल व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं को गृह भ्रमण बढ़ाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों को प्रसव पूर्व खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। सुमन हेल्प डेस्क को 24Û7 सक्रिय रखने एवं रेफरल के दौरान निर्बाध सहायता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। इसके साथ ही सभी ब्लॉकों में 108 एम्बुलेंस की समयबद्ध उपलब्धता एवं रिस्पॉन्स टाइम की नियमित मॉनिटरिंग बीपीएम के माध्यम से कराने के निर्देश दिए गए।

सीएमएचओ ने कहा कि “एक भी रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु अस्वीकार्य है। सुरक्षित मातृत्व हमारा लक्ष्य है। सभी अधिकारी एवं फील्ड स्टाफ समन्वय के साथ कार्य करें और जवाबदेही सुनिश्चित करें।” बैठक में डीएचओ-1 डॉ. सुनीता तिवारी द्वारा प्रेजेंटेशन के माध्यम से ब्लॉकवार आंकड़े प्रस्तुत किए गए। सभी बीएमओ को 7 दिवस के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

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