मैहर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था चरमराई, एसी चेंबरों में बैठकर वार्डों को दी जाती है रैंकिंग- शिवम् पाण्डेय

(मैहर) मैहर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव शिवम् पाण्डेय ने कहा शहर के कई वार्डों में गंदगी के ढेर, बजबजाती नालियां और कचरे से अटे पड़े सार्वजनिक स्थल नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एसी चेंबरों में बैठकर अधिकारियों द्वारा वार्डों की रैंकिंग तय की जा रही है, जिसे लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

भीषण गर्मी और बरसात के पूर्व शहर की सफाई व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के अधिकांश वार्डों में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियों की नियमित सफाई नहीं हो रही और सड़कों पर गंदगी फैली हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी कार्यालयों के एसी कमरों में बैठकर वार्डों की रैंकिंग तय कर देते हैं, जबकि वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने मैदान में शायद ही कभी पहुंचते हैं। लोगों का कहना है कि यदि अधिकारियों द्वारा वार्डों का भौतिक सत्यापन किया जाए तो सफाई व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर सामने आ जाएगी।
आम नागरिकों का कहना है कि
“वार्ड में कई दिनों से सफाई नहीं हुई है, कचरे के ढेर लगे हैं। नगर पालिका सिर्फ कागजों में काम कर रही है, जमीन पर स्थिति बेहद खराब है।”

नगर पालिका द्वारा स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन शहर की तस्वीर उन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। नागरिकों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग हो और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि शहरवासियों की शिकायतों के बाद नगर पालिका प्रशासन सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या ठोस कदम उठाता है, या फिर वार्डों की रैंकिंग केवल एसी चेंबरों तक ही सीमित रह जाएगी।

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