सीवेज और जल-प्रदाय योजनाओं के कार्य में देरी पर करें एजेंसी को टर्मिनेट

( भोपाल )

नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह ने अर्बन डेव्हलपमेंट कम्पनी के कार्यों की समीक्षा में दिये निर्देश

मध्यप्रदेश अर्बन डेव्हलपमेंट कम्पनी द्वारा करवाये जा रहे सीवेज और जल-प्रदाय योजनाओं के कार्य में अनावश्यक देरी करने वाली निर्माण एजेंसियों को टर्मिनेट करने की कार्यवाही की जाये। उनकी बैंक गारंटी भी जप्त की जाये। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने यह निर्देश योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये।

श्री सिंह ने कहा कि सीएसआर रिवाइज्ड किया जाये। सही डीपीआर बनाने के लिये मेकेनिज्म विकसित करें। सही डीपीआर नहीं बनने पर कंसलटेंट के खिलाफ भी कार्यवाही की जाये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी मुख्यालय में रहें और लगातार स्थल निरीक्षण करें। टेक्निकल विंग मजबूत की जाये। लागत के अनुसार टेण्डर का समय निर्धारित किया जाये। इससे कार्यों में तेजी आयेगी।

विलम्ब का स्पष्ट कारण बतायें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने संभागवार पृथक-पृथक कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट पूरा करने में विलम्ब का स्पष्ट कारण बतायें। जहाँ पर सड़कों की खुदाई की गई है, उनको समय-सीमा में दुरुस्त करें। श्री सिंह ने कहा कि कार्य में कोई गतिरोध आये, तो एम.डी. श्री निकुंज श्रीवास्तव से बात करें।

मध्यप्रदेश अर्बन डेव्हलपमेंट कम्पनी द्वारा 107 जल-प्रदाय, 22 मल-जल योजनाएँ और 13 मिनी स्मार्ट सिटी का कार्य किया जा रहा है। इनमें से पीआईयू भोपाल में 8, होशंगाबाद में 7, इंदौर में 18, उज्जैन में 15, ग्वालियर में 16, मुरैना में 8, जबलपुर में 22, रीवा में 14, शहडोल में 7, सागर में 14, छिन्दवाड़ा में 2, खरगोन में 8 और छतरपुर में 3 योजनाओं में काम चल रहा है। यह योजनाएँ विश्व बैंक, एशियन डेव्हलपमेंट बैंक और केएफडब्ल्यू बैंक द्वारा वित्त पोषित हैं।

बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री मनीष सिंह, आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री निकुंज श्रीवास्तव एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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