ब्रेकिंग न्यूज़ : एसीसी अमेहटा प्रोजेक्ट में स्थानीय बेरोजगारों को दरकिनार कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता
क्षेत्रीय युवा बेरोजगार समिति ने एसीसी कैमोर से की रोजगार की मांग
( कैमोर ) क्षेत्रीय युवा बेरोजगार समिति ने एसडीएम विजयराघवगढ़ को ज्ञापन सौंपकर एसीसी अमेहटा मे स्थानीय शिक्षित व शिक्षाविहीन जरुरत मंदो को रोजगार देने की मांग की है। विजयराघवगढ़ विधानसभा के अंतर्गत एसीसी अमेहटा प्लांट का प्रबंधन इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। जहाँ एक ओर एसीसी प्रबंधन के आला अधिकारी जनसुनवाई के दौरान मंच के माध्यम से स्थानीय क्षेत्र से 75 प्रतिशत लोगो को रोजगार देने की बात करते है वही दूसरी ओर जमीनी स्तर पर देखा जाए तो अधिकांश तौर पर अन्य राज्यों से बाहरी श्रमिकों का बाहुल्य संख्या मे आना क्षेत्र में दरबदर भटक रहे बेरोजगार युवकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

क्षेत्रीय युवा बेरोजगार समिति से
एडवोकेट सुरेंद्र चौवे, पूर्व पार्षद कुक्कू मौलाना, अतुल मिश्रा, रामशरण परौहा, सोनू नायडू, दीपक शुक्ला, इमरान खान आदि सदस्यों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विजयराघवगढ़ सुश्री प्रिया चंद्रावत एवं जिला कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर स्थानीय लोगों को रोजगार देने की मांग की है।

ज्ञात हो कि एसीसी अमेहटा में भूमि पूजन के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 75% स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की बात मंच के माध्यम से की थी। इसके साथ ही क्षेत्रीय विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने भी लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान अमेहटा मे एसीसी को चेतावनी देते हुए कहा था कि स्थानीय लोगों को ही रोजगार देना होगा। एसीसी कैमोर के डायरेक्टर प्लांट के आर रेडी ने भी कैमोर बस स्टैंड के भूमि पूजन के अवसर पर स्थानीय लोगों को मुख्यमंत्री घोषणा अनुसार रोजगार देने की बात कही थी। इन सबके बावजूद क्षेत्रीय बेरोजगारों के द्वारा लगातार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देकर रोजगार की मांग करना एसीसी प्रबंधन, जन प्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की कथनी करनी मे अंतर को दर्शाता है। कभी-कभी प्रशासनिक अधिकारियों के मुंह से अनायास यह शब्द निकल आते हैं की क्या ज्ञापन एसीसी के खिलाफ है,अभी तो प्लांट चालू नहीं हुआ है ऐसी परिस्थिति में अनायास क्षेत्रीय बेरोजगार यह सोचने को विवश हो जाते हैं कि एसीसी के बंगले में रहने वाले अधिकारी क्षेत्रीय बेरोजगारों के दुख दर्द को नजरअंदाज करते हुए एसीसी का ही पक्ष लेंगे।अब देखना यह होगा कि क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार कौन दिलाएगा या क्षेत्रीय बेरोजगार को अपने हक की लड़ाई स्वयं करनी होगी एसीसी प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन करना पड़ेगा क्षेत्रीय बेरोजगार यह सोच रहा है कि प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन देने से कुछ फायदा नहीं होने वाला है यहां के प्रशासन से एसीसी प्रबंधन पर कार्रवाई की उम्मीद करना भी गलत है।

अब देखना यह है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक द्वारा बेरोजगारों को एसीसी अमेहटा प्लांट मे निष्पक्षता के साथ रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा या केवल आश्वासन मात्र से संतुष्ट किया जाएगा।
रिपोर्ट : संतोष प्रसाद तिवारी, आरपीकेपी इंडिया न्यूज़ भोपाल
