ब्रेकिंग न्यूज़ : कोरोना की दूसरी लहर ने भारत में मचाई तबाही ,नहीं था प्रशासन को इसका अंदाज़ा
(नई दिल्ली) कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने देश को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है । प्रतिदिन हजारो नए मामले सामने आ रहे हैं। सैकड़ों मरीज की इस महामारी के कारण जान भी जा रही है। केंद्र सरकार पर लगातार इसे नजरअंदाज करने के आरोप लग रहे हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार कोरोना की दूसरी लहर का अंदाजा लगाने में पूरी तरह से विफल हो गई है। लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) सहित कोई भी यह अनुमान लगाने में सक्षम नहीं था कि कोरोना की दूसरी लहर भारत को इतना प्रभावित करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत बहुत जल्द कोरोना की दूसरी लहर से बाहर निकल आएगा।
किशन रेड्डी ने तेलंगाना के यादाद्री भुवनगिरि जिले के बीबीनगर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का दौरा किया, जहां उन्होंने कोरोना उपचार का जायजा लिया।
मीडियाकर्मियों को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया की , “केंद्र सरकार देश में COVID-19 के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। लोगों के सहयोग से भारत COVID-19 की पहली लहर को पार पाने में सक्षम हुआ था। बहुत जल्द दूसरी लहर से भी हम बाहर निकल आएंगे। WHO सहित कोई भी यह अनुमान लगाने में सक्षम नहीं था कि COVID-19 की दूसरी लहर हमें इतना प्रभावित करेगी।”
उन्होंने उल्लेख किया कि ऑक्सीजन और वैक्सीन के साथ COVID-19 के उपचार के लिए आवश्यक दवाओं की मांग को पूरा करने के लिए विनिर्माण इकाइयां 24×7 चल रही हैं। उन्होंने बताया कि अन्य देशों से अधिक ऑक्सीजन, टीके और दवाएं आयात की जा रही हैं। किशन रेड्डी ने आगे बताया कि रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) बहुत सस्ती कीमत पर वैक्सीन लाने के लिए काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि देश भर में लगभग 180 जिले हैं जहां पिछले सात दिनों में COVID-19 का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। किशन रेड्डी ने कहा कि वायु से ऑक्सीजन की निकासी के लिए 1,100 पीएसए उपकरण जारी किए गए हैं और एम्स, बीबी नगर को भी इस तरह के एक उपकरण जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल को अगले सप्ताह 200 बेड मिल जाएंगे।
किशन रेड्डी ने कहा, “तेलंगाना सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य में रेमेडिसविर, वैक्सीन और ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है और राज्य से केंद्र और अस्पताल तक पहुंचने वाली सभी ऑक्सीजन और दवाएं हैं।”
