यदि किसी जानवर ने काटा हो तो घाव पर लगाएं ऐंटिसेप्टिक, भूल कर भी न करे ये गलतियां
जानवर ने काटा है तो तत्काल घाव को धोएं, लगाएं ऐंटिसेप्टिक
समय पर उचित उपचार से संभव है रेबीज से बचाव
कटनी – समय पर और उचित उपचार से रेबीज से बचाव संभव है। किसी भी जानवर ने काटा है तो तत्काल घाव को बहते हुए पानी में धोएं और घर में मौजूद ऐंटिसेप्टिक लगाएं। राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में भी लोगों को रेबीज से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है और लोगों को जानवरों से बचने व उनके द्वारा काटने या खरोंचने पर समय पर उचित उपचार लेने की सलाह दी जा रही है। रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में बैनर पोस्टरों के माध्यम से रेबीज से बचाव को लेकर भी विभाग की ओर से नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है तो नगर निगम की घर-घर से कचरा उठाने वाली गाडि़यों में लगे स्पीकरों के माध्यम भी लोगों को रेबीज से बचाव की जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों के टीकाकरण स्थलों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी रेबीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

ऐसे करें रेबीज से रोकथाम
– जानवर के काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन व पानी से धोएं।
– कुत्ते के काटने पर पोस्ट एक्सपोजर टीकाकरण कराएं।
– कुत्ते के काटने से बचने के लिए लोगों को व विशेष रूप से बच्चों को उनके व्यवहार के विषय शिक्षित करें।
– रेबीज के मरीजों को को संभालने वाले लोगों को प्री एक्सपोजर टीकाकरण की भी सलाह दें।
– डाक्टरों की सलाह के अनुसार पोस्ट एक्सपोजर प्रोफिलेक्सिस कोर्स पूरा करें।
यदि किसी जानवर ने काटा हो तो ये न करें
– जानवरों के काटने या घरोंच को अनदेखा न करें।
– कटे घाव पर मिर्च, सरसों तेल जैसे जलन पदार्थ न लगाएं।
– अंधविश्वास से दूर रहें।
– घाव को ढंके नहीं और टांके नहीं लगाएं।
– बच्चों को आवारा जानवरों के संपर्क में आने या उनके साथ खेलने से मना करें।

