‘‘चलिए कटनी की सैर पर’’ ई मैग्जीन शानदार प्रयास – कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

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कलेक्टर ने जिला जनसंपर्क कार्यालय की ई-मैग्जीन का किया विमोचन

जिले के ऐतिहासिकपुरातत्व व धार्मिक पर्यटनों की जानकारी संजोए है मैग्जीन

कटनी  जिले के ऐतिहासिक स्थलों, पुरातत्व स्थल व धार्मिक पर्यटनों की जानकारी लोगों तक पहुंचे, इसके लिए जिला जनसंपर्क विभाग ने कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में ई-मैग्जीन ‘‘चलिए कटनी की सैर पर’’ प्रकाशित की है। ई-मैग्जीन के माध्यम से स्थलों से जुड़ी जानकारी, उनके इतिहास और महत्व का दर्शाया गया है। सोमवार को कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने ई मैग्जीन ‘‘चलिए कटनी की सैर पर‘‘ का ई विमोचन किया। विमोचन के साथ ही कलेक्टर श्री मिश्रा ने मैग्जीन का अवलोकन भी किया और उसके शामिल किए गए स्थलों की जानकारी को लेकर विभाग की सराहना भी की। कलेक्टर ने कहा कि ई-मैग्जीन के जरिए लोगों को जिले के पर्यटन, ऐतिहासिक स्थलों व धार्मिक स्थलों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। जिला जनसंपर्क अधिकारी सुनील वर्मा ने कलेक्टर श्री मिश्रा को ई मैग्जीन में शामिल किए गए स्थानों की जानकारी प्रदान की। साथ ही बताया कि पुस्तक व उसमें शामिल स्थलों के विषय में नागरिक जिला प्रशासन की बेवसाइट www.katni.nic.in में जनसम्पर्क कॉर्नर को क्लिक कर भी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही इस ई-मैगीज को यूआरएल  पर क्लिक कर सीधे अपने मोबाईल या कम्प्यूटर पर भी डाउनलोड किया जा सकता है। विमोचन कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी प्रफुल्ल श्रीवास्तव, जिला जनसंपर्क टीम के अभिषेक मिश्रा, लालजी शर्मा, विजय कुमार सूर्यवंशी, मुकेश तिवारी, दिनेश तोमर सहित अन्य जन मौजूद थे।

अपराजिता, गुरवे नमः को भी मिली थी सराहना

            ई-मैग्जीन ‘‘चलिए कटनी की सैर पर‘‘ के पहले जिला जनसंपर्क द्वारा महिला सशक्तिकरण को लेकर पुस्तक अपराजिता व शिक्षक दिवस पर जिले में उत्कृष्ट कार्य कर रहे शिक्षकों पर आधारित ई-मैग्जीन गुरवे नमः का भी प्रकाशन किया था। दोनों ही पुस्तकों को विशेष रूप से सराहा गया था। पर्यटन दिवस पर प्रकाशित की गई ई-मैग्जीन ‘‘चलिए कटनी की सैर पर‘‘ में जिले के उन स्थानों की जानकारी को शामिल किया गया, जहां तक लोग अभी पहुंच भी नहीं पा रहे थे या फिर कुछ ऐसे स्थान हैं, जिनके विषय में लोगों को जानकारी नहीं थी। देश का भौगोलिक केन्द्र बिंदु करौंदी हो या काम कंदला की गाथा को दर्शाने वाली पुष्पावती नगरी बिलहरी या फिर स्वतंत्रता संग्राम का बिगुल फूंकने वाला राजा प्रयागदास का विजयराघवगढ़ किला, सभी को पुस्तक में उनके इतिहास के साथ शामिल किया गया है। इसके अलावा धार्मिक स्थल, ईको टूरिज्म प्वाइंट आदि की भी जानकारी समावेशित की गई है।

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