लगभग 74 सालों में पहली बार नही निकला ताजिए का जुलूस
कटनी में भी शांति पूर्वक मनाया गया मोहर्रम
( कटनी )
ताजिया निकालने का सिलसिला मुगलकाल से चला आ रहा है, एवं भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय यानी 1947 में भी दरगाह से ताजियों के साथ निकलने वाले जुलूस में भी पाबंदी नहीं लगी थी लेकिन इस बार *कोरोना वैश्विक महामारी संक्रमण से बचाव हेतु शासन-प्रशासन ने धार्मिक एवं सामूहिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी
इसलिए मोहर्रम में ताजिए के साथ निकलने वाले जुलूस की भी स्वीकृति नहीं मिली।
मोहर्रम में हर वर्ष हिंदू मुस्लिम कौमी एकता भी देखने को मिलती है। हजारों की संख्या में लोग मोहर्रम की मातमी जुलूस में शामिल होने पहुंचते हैं।
लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण से बचाव हेतु ऐसा नहीं हुआ है।
कटनी पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार के निर्देशानुसार सिटी कोतवाली थाना प्रभारी विजय विश्वकर्मा एवं तहसीलदार अपने दलबल सहित की मौजूदगी में बहुत ही अख्तियार के साथ मोहर्रम में शासन प्रशासन की समस्त नियमों का पालन कराते हुए कार्यक्रम में अपनी सहभागिता दिखाई।
रिपोर्ट:-
मतीन खान एवं राजेश कुमार तिवारी
आर पी के पी इंडिया न्यूज़ कटनी
