मानवता की रक्षा हेतु आवश्यक है हिंदू जीवन शैक्षिक पाठ्यक्रम

(जबलपुर ) हिंदू धर्म मानव धर्म है जिसमे मानवता की रक्षा के करोड़ों सूत्र समाहित हैं। यह धर्म किसी वर्ग विशेष या क्षेत्र विशेष की बात करने की बजाय पूरे विश्व और प्राणी मात्र के कल्याण की बात करता है अतः हमें विश्व बंधुत्व और मानव कल्याण हेतु इसके मूल सिद्धांतों को शैक्षिक पाठ्यक्रम में लागू करना होगा। उक्त उद्गार मुंबई से पधारे प्रख्यात राष्ट्रवादी चिंतक व भारतीय शिक्षण मंच के संयोजक दिलीप पांडुरंग केलकर ने भारत रक्षा मंच द्वारा विवेकानंद विजडम इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल भेड़ाघाट में “इंडिया का समग्रता में भारतीयकरण और हिंदू जीवन पाठ्यक्रम” विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। मुख्य अतिथि व मध्यप्रदेश शासन की राज्य शिक्षा सलाहकार डॉ. श्रद्धा तिवारी ने कहा कि सनातन धर्म के सिद्धांतों और मूल्यों को जीवन में उतारकर इस पृथ्वी को स्वर्ग बनाया जा सकता है। जयपुर से पधारे कार्यक्रम अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण शर्मा ने भारतीय जीवन मूल्यों के अनुरूप विद्यालयीन और महाविद्यालयीन पाठ्यक्रमों में बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि डॉ प्रशांत कौरव और श्रीमती मालती रघुवीर व्यास ने मंच को उसके कार्यों में हर संभव सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन डॉ. एच.पी.तिवारी ने तथा आभार प्रदर्शन एड. प्रशांत तिवारी ने किया। अतिथियों का स्वागत संयोजक जीवेश पांडे, अपर्णा पयासी, दामोदर विश्वकर्मा, जया सिंह, परिमल जैन, वरुण सिंह, प्रज्ञा नायडू, प्रीती लोधी, श्रीराम पयासी, सचिन पटेल, सुमित पयासी ने किया।

रिपोर्ट : मुरारीलाल तिवारी ,आरपीकेपी इंडिया न्यूज़ (जबलपुर) 

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