बंदियों को बताए खुद में सुधार की संभावनाओं को तलाशने के गुर
जिला जेल में आनंद संस्थान ने दूसरे दिन योग, ध्यान, प्राणायाम का दिया प्रशिक्षण
कटनी – जिला जेल में निरूद्ध बंदी बाहर निकलकर सामान्य जीवन जी सकें और अपने अंदर की संभावनाओं को जागृत कर जीवन में सुधार करते हुए समाज की मुख्यधारा से जुड़े, इसके लिए आनंद संस्थान द्वारा दस दिवसीय अल्पविराम, योग, ध्यान प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के दूसरे दिन बंदियों को उनके अंदर समाहित क्षमताओं को सामने लाने और सुधार की संभावनाओं को तलाश करने की जानकारी दी गई।
डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम लीडर, आनंद संस्थान की उपस्थिति में बंदियों के बीच अल्पविराम की एक गतिविधि के साथ यह बताया गया कि हम सभी में अतुलनीय क्षमताएं हैं, उसे हम कैसे पहचाने और पहचान कर, सुधार की संभावनाओं को तलाश कर, कार्य रूप में कैसे परिणित करें। उसके बाद पतंजलि योग समिति से अभिलाष सिंह गौतम व डॉ. नरेंद्र तिवारी द्वारा बंदियों को व्यायाम के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही अनुलोम, विलोम, सूर्य नमस्कार, भ्रामरी योग प्राणायाम कराते हुए यह बताया कि इन योग प्राणायाम के माध्यम से वे खुद को कैसे स्वस्थ्य रख सकते हैं। बंदियों को आनंद संस्थान के प्रशिक्षकों द्वारा ध्यान योग भी कराया गया।

