सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ायें
समय सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर के निर्देश
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों के निराकरण में संतुष्टिपूर्ण निराकरण के प्रतिशत को बढ़ाने के निर्देश जिला प्रमुख विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। सोमवार को समय सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि एल-1 स्तर के अधिकारी प्रकरणों के निराकरण करते समय आवेदक या शिकायताकर्ता से बात-चीत कर समस्या के बारे में जानकारी जरुर लें। टीएल बैठक में सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, डिप्टी कलेक्टर नदीमा शीरी, संघमित्रा गौतम, प्रभारी निगमायुक्त अशफाक परवेज कुरैशी सहित सभी विभाग प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि सितम्बर माह में राज्य शासन द्वारा समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम पुनः शुरु किया जा रहा है। सीएम हेल्पलाईन की प्रति सप्ताह शासन स्तर से समीक्षा की जा रही है। सुनिश्चित करें कि सीएम हेल्पलाईन अथवा समय सीमा प्रकरणों को प्रत्येक दिवस स्वतः देखें और निराकरण की कार्यवाही करायें। सीएम हेल्पलाईन के संतुष्टिपूर्ण निराकृत प्रकरणों की समीक्षा करते हुये कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि 60 प्रतिशत से कम संतुष्टिपूर्ण निराकरण वाले विभाग प्रकरणों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण का प्रतिशत बढ़ायें। समीक्षा में इस सप्ताह वाणिज्यिक कर विभाग में 84 प्रतिशत, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी में 77 प्रतिशत, महिला एवं बाल विकास विभाग में 64.71 प्रतिशत और सामान्य प्रशासन विभाग के सीएम हेल्पलाईन के निराकरण में 64.29 प्रतिशत संतुष्टिपूर्ण निराकरण पाया गया। कलेक्टर श्री सिंह ने न्यून संतुष्टिपूर्ण निराकरण वाले विभागों, सहकारिता 8 प्रतिशत, वित्त विभाग 11 प्रतिशत और स्वास्थ्य विभाग के 20 प्रतिशत संतुष्टिपूर्ण निराकरण होने पर परफॉर्मेन्स में सुधार लाने के निर्देश दिये। सौ दिवस से अधिक अवधि से लंबित सीएम हेल्पलाईन के प्रकरणों में श्रम विभाग के पदस्थ तीनों श्रम निरीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। समय सीमा प्रकरणों की बैठक में कलेक्टर ने सेन्ट्रल पीजी सेल, समय बाह्य प्रकरण, सीएम मानिट एवं सीएम हाउस से प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की।
समय सीमा की बैठक में अन्य सामयिक विषयों पर समीक्षा करते हुये कलेक्टर ने 3 सितम्बर को होने वाले नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची और खाद्यान्न वितरण कार्यक्रम की जिलास्तरीय तैयारियों की समीक्षा की। उन्होने कहा कि नवीन पात्रता पर्ची के हितग्राहियों को अन्य पात्रता अनुसार योजनाओं से भी लाभान्वित करें। जिला आपूर्ति अधिकारी पी0के0 श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में लगभग 11 हजार नवीन परिवारों की पात्रता पर्ची जनरेट हो रही है। जिसमें लगभग 42 हजार सदस्य लाभान्वित होंगे। प्रधानमंत्री स्वनिधि स्ट्रीट वेण्डर योजना की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने एक सप्ताह के भीतर बैंकों में प्रस्तुत अधिकाधिक प्रकरणों में स्वीकृत की कार्यवाही करने के निर्देश दिये। नगरीय क्षेत्र के बैंकों को प्रस्तुत 5450 आवेदनों में 1432 प्रकरणों में ऋण स्वीकृत कर दिया गया है।
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में खरीफ फसल बोनी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, फसल गिरदावरी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, गरीब कल्याण रोजगार अभियान की भी समीक्षा की।
अतिवृष्टि और बाढ़ राहत की सभी तैयारियां रखने के निर्देश
कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने समय सीमा प्रकरणों की बैठक में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति में राहत और बचाव के इन्तजाम, फसल क्षति, कन्ट्रोल रुम सहित आपदा प्रबंधन कार्य योजना की समीक्षा भी की। उन्होने कहा कि अतिवृष्टि और नदी-नालों के उफान में होने पर तटीय क्षेत्रों और सड़क मार्गों पर विशेष निगरानी बनाये रखें। जिलास्तरीय और तहसील स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कन्ट्रोल रुम 24 घंटे कार्यरत रहे। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में नदी नालों एवं तालाबों में सार्वजनिक रुप से कहीं भी मूर्तियों के विसर्जन पर एवं जुलूस आदि पर रोक लगाई गई है। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में व्यवस्थायें देखें और नदी के घाटों, तालाबों में राजस्व अधिकारियों के अलावा पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात रहें। कलेक्टर ने जिलेवासियों से भी अपील की है कि गणेश विसर्जन के दौरान मूर्तियों का विसर्जन अपने घर पर ही करें। बरसात के समय नदी, नाले, तालाब, खदान, कुंये एवं सभी जलस्त्रोत पानी से भरे हुये हैं, इनके नजदीक नहीं जायें।

