December 6, 2021

स्व-सहायता समूहों की मजबूत बुनियाद पर आत्‍म-निर्भरता की ओर अग्रसर ग्रामीण महिलाएँ

(भोपाल) मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा वर्ष  2012 से प्रदेश में ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक सशक्तिकरण के लिये स्व-सहायता समूह बनाकर उनके संस्थागत विकास तथा आजीविका के संवहनीय अवसर उपलब्ध कराये जा रहे हैं। मिशन द्वारा प्रदेश में अब-तक 45 हजार 135 ग्रामों में 3 लाख 36 हजार 521 स्व-सहायता समूहों का गठन किया गया है। इन समूहों से  38  लाख 31 हजार परिवारों को जोड़ा जा चुका है।  

वित्तीय सहयोग

समूहों को मिशन द्वारा चक्रीय निधि , सामुदायिक निवेश निधि, आपदा कोष तथा बैंक लिंकेज के रूप में वित्तीय सहयोग किया जा रहा है। इस राशि से उनकी छोटी-बड़ी आर्थिक आवश्‍यकताओं की पूर्ति हो जाती है, जिससे वे साहूकारों के कर्जजाल से बच जाते हैं। प्रदेश में समूहों को विभिन्‍न आजीविका गतिविधियों के संचालन के लिये बैंक ऋण वितरण का लक्ष्‍य विगत दो वर्षों में कई गुना बढ़ाते हुए इस वर्ष में 2550 करोड़ रूपये किया गया है। समूहों को सस्‍ती ब्‍याज दरों पर पूँजी उपलब्‍ध कराने के साथ अलग से ब्‍याज अनुदान भी दिया जा रहा है।

व्यवसाय के विभिन्न क्षेत्रों में अवसर

राज्य सरकार ने महिला स्व -सहायता समूहों के कार्यों का दायरा बढ़ाते हुए पोषण आहार संयत्रों के संचालन का बहुत बड़ा काम भी समूहों को देकर वृहद कारोबारों को संचालित करने का अनुभव समूहों की महिलाओं को दिया है। नित नये क्षेत्रों जैसे दीदी कैफे संचालन, उचित मूल्‍य की शासकीय दुकानों का संचालन, स्‍कूल गणवेश सिलाई, फसल क्रय के लिये उपार्जन केन्‍द्रों का संचालन, गौशाला संचालन, चारागाह विकास, अस्‍पतालों में ऑक्‍सीजन प्‍लांट संचालन, ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजनाओं का संचालन, विद्युत बिल वितरण कार्य, सड़कों का संधारण, लघु वनोपज संग्रहण, शासकीय निर्माण कार्यों में लगने वाली ईंट आदि सामग्री के निर्माण एवं सप्‍लाई में प्राथमिकता देते हुये स्व-सहायता समूहों को हर स्‍तर पर सहयोग किया जा रहा है। समूहों की सदस्य महिलाओं द्वारा रूचि अनुसार परंपरागत आय के साधन कृषि-पशुपालन के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिये सिलाई,  दुकान,  साबुन, अगरबत्ती निर्माण आदि सहित 103  प्रकार की लघु उद्यम गतिविधियाँ की जा रही हैं।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *