कलेक्टर श्री सुमन ने चौरई विकासखंड के बाढ़ प्रभावित 7 ग्रामों का भ्रमण कर
( छिन्दवाड़ा )
बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों से की रू-ब-रू चर्चा
जिले में बारिश से नदियों और नालों में बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन द्वारा बचाव और राहत कार्य संवेदनशीलता और तत्परता से किये जा रहे हैं। कलेक्टर श्री सौरभ कुमार सुमन निरंतर ऐसे स्थलों का भ्रमण कर निरीक्षण कर रहे हैं, जहां बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों की सहायता और बचाव की आवश्यकता है। इसी क्रम में कलेक्टर श्री सुमन द्वारा आज जिले के चौरई विकासखंड के ग्राम कौआखेड़ा और कौआखेड़ा के टोला, बेलगांव, बादगांव, रमपुरी टोला, लोनीकला खुर्द, आमगांव (टॉप) और खैरघाट का भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों से रू-ब-रू चर्चा की। उन्होंने बादगांव से पौनिया मार्ग के बीच क्षतिग्रस्त हुये पुल का भी निरीक्षण किया। भ्रमण के दौरान राजस्व अनुविभागीय अधिकारी श्री सी.पी.पटेल, तहसीलदार, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी साथ में थे।
कलेक्टर श्री सुमन ने ग्रामों में भ्रमण के दौरान पेंच नदी की बाढ़ से पूर्णत: और आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों और फसलों एवं राहत केन्द्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित ग्रामवासियों से चर्चा करते हुये कहा कि जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से राहत और बचाव कार्य किये जा रहे हैं और प्रभावित व्यक्तियों को हर संभव मदद दी जायेगी। इसमें यदि कोई कमी रह जाती है तो सूचित करें, सभी कमियों को तत्काल दूर किया जायेगा। उन्होंने बताया कि सभी प्रभावित व्यक्तियों के लिये सामुदायिक भवन, आंगनवाड़ी भवन, स्कूल भवन आदि में अस्थाई राहत केन्द्र बनाये गये हैं। इन राहत केन्द्रों पर भोजन, आवास, पेयजल, गद्दे, चादर, दरी, कपड़े, रसोई गैस, स्वास्थ्य परीक्षण आदि की व्यवस्था की जा रही है तथा आवश्यकता के अनुसार अन्य सुविधायें भी उपलब्ध कराई जायेंगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित व्यक्तियों के लिये नये मकानों के निर्माण में दो से तीन माह का समय लग सकता है, तब तक सभी प्रभावित व्यक्ति धैर्य और संयम रखें तथा अस्थाई राहत केन्द्रों में जो व्यवस्थायें की जा रही है उनका लाभ लें। उन्होंने कहा कि बाढ़ से प्रभावित क्षतिग्रस्त मकानों में जिन व्यक्तियों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज नष्ट हो गये हैं, उनके सभी दस्तावेज फिर से बनायें जायेंगे और उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि सभी बाढ़ प्रभावित व्यक्ति अपने मकानों, फसल और पशु हानि की जानकारी उपलब्ध करायें जिससे उन्हें शासन के नियमों के अनुसार राहत राशि उपलब्ध कराई जा सके।
कलेक्टर श्री सुमन ने राजस्व अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार को निर्देश दिये कि ग्रामवासियों से चर्चा कर उनके नये आवास भवन निर्माण के लिये शासकीय भूमि चिन्हित करें और चिन्हित भूमि पर ले-आउट डालकर आवासीय भवनों का निर्माण कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिये कि प्रभावित सभी ग्रामवासियों के नष्ट हुये राशन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पास बुक, जन्म प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पुन: बनाने का कार्य शुरू करें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बाढ़ प्रभावित व्यक्ति छूटने न पाये। उन्होंने जनपद पंचायतों के सब इंजीनियरों से बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों के आवास के लिये नक्शा, ले-आउट और एस्टीमेट आदि बनवाकर तत्काल प्रस्तुत कर स्वीकृत करायें एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करें। उन्होंने ग्राम बादगांव में ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही और कार्य की उदासीनता पर सचिव श्री शकील सिंह चौहान को सेवा से पृथक करने की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये।
