11 जुलाई विश्व जनसख्या दिवस पर हुआ कार्यशाला का आयोजन

जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा आयोजन पर हुई चर्चा

(कटनी) – जनसंख्या स्थिरता पखवाडा का आयोजन 11 जुलाई से 11 अगस्त तक किया जाना है। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर सोमवार 11 जुलाई को मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी के बैठक सभागार मे कार्यशाला का आयोजन किया गया।

      इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मुड़िया ने कहा कि जनसंख्या स्थिरता में सभी के सहयोग एवं सहभागिता आवश्यक है और जनसंख्या वृद्वि के लिए जन जागरूकता के साथ-साथ जन सहयोग एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमें रूढ़िवादी परम्पराओं का परित्याग करना होगा तथा शासन द्वारा चलाए गए कार्यक्रम को अपनाकर जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए सम्मिलित प्रयास करने होंगे। देश में संसाधन सीमित है, उन्ही संसाधनों में से नागरिकों को सुख सुविधायें पहुंचाना है।

          मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने कार्यशाला में कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत स्थाई एंव अस्थाई साधनों के उपयोग के बारे में जन जागरण कर हमें प्रदेश में प्रथम स्थान हेतु अभी से प्रयास करने होंगे। जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्थायी साधन नसबंदी (पुरूष एवं महिला) के लिए सभी सामुदायिक केन्द्रों में ऑपरेशन की सेवाएं कुशल सर्जनों द्वारा प्रदान की जाएंगी। पुरूष नसबंदी कराने वाले हितग्राही को 3 हजार रूपये तथा  प्रेरक को 400 रूपये, प्रसव पश्चात्  7 दिवस के अंदर  नसबंदी कराने वाले हितग्राही केा 3 हजार रूपये तथा प्रेरक को 400 रूपये, महिला नसबंदी करवाने हितग्राही को 2 हजार रूपये प्रेरक को 300 रूपये तथा प्रसव पश्चात् पीपीआईयूसीडी या आईयूसीडी  करने वाले हितग्राही को 300 रूपये, प्रेरक का 150 रूपये तथा  इंजेक्शन अंतरा लगवाने वाली महिला को 100 तथा प्रेरक को 100 रूपये प्रदाय किये जाते है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अस्थायी साधन निरोध, गर्भ निरोधक गोलिया कापर-टी आदि भी स्वास्थ्य संस्थाओं में उपलब्ध है। सीएमएचओ ने इलेक्ट्रॉनिक एवं पिं्रट मीडिया, जनप्रतिनिधियों, स्वय सेवी संस्थाओं, आम जनमानस सभी से अपील की है कि इस राष्ट्रीय हित के कार्यक्रम में सभी अपना सहयोग प्रदान करें।

    कार्यशाला में जिला स्वास्थ्य अधिकारी क्रं-2 डॉ. शैलेन्द्र दीवान ने कहा कि हम सभी को जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए आगे आना होगा एवं बेटे और बेटी दोनो को समान अधिकार देना चाहिये। जनसंख्या रोकने के लिये शिक्षित होना, बाल विवाह को रोकना तथा एक ही संतान का संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा कि समाज में लड़के की धारणा ही बढ़ती आबादी का कारण है। आज के समय में बालक-बालिका को हमें समानता से देखना होगा। जिला आई ई सी सलाहकार ने जनसंख्या स्थिरीकरण पर कहा कि यदि हम बढ़ती आबादी पर रोक न लगा पाये तो नागरिकों को सारी सुविधायें देना मुश्किल हो जाएगा। जनसंख्या के इस बढ़ते स्वरूप को हम सब के प्रयास से ही कम किया जा सकता है। मैदानी अमले को संबोधित करते हुये कहा कि हमें लक्षित योग्य दम्पत्तियो का चयन कर उन्हें परिवार नियोजन के साधनांे के बारे में जानकारी देनी होगी तभी हम सीमित परिवार की अवधारणा में सफल हो सकेंगे। कार्यशाला मे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मुड़िया,जिला स्वास्थ्य अधिकारी क्रं-2 डॉ. शैलन्द्र दीवान के साथ अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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