महापौर चुनाव में शिवराज को लगा बड़ा झटका , विभागों के कार्यों की होगी समीक्षा
(भोपाल) मध्यप्रदेश की 16 महापौर सीट में से 7 गंवाने से भारतीय जनता पार्टी की शिवराज सरकार को जोरदार झटका लगा है। इसके बाद अब सरकार 2023 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। आगामी चुनाव के लिए रोड मैप तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अगले माह रक्षाबंधन के बाद सभी विभागों की समीक्षा बैठक शुरू करने जा रहे हैं। समीक्षा बैठक में विभागवार योजनाओं का प्रेजेंटेशन किया जाएगा। साथ ही प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में होने वाले विकास कार्यों को सूचीबद्ध भी किया जाएगा।
सन 2023 के चुनाव का रोड मैप तैयार होगा : समीक्षा बैठक के जरिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सभी विभागों की विभागवार समीक्षा करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक में सरकार का मुख्य फोकस निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों को लेकर है। सरकार साल 2023 में कराए जाने वाले विकास कार्यों को सूचीबद्ध कराने में जुट गई है, जिससे चुनाव के पहले से क्षेत्रवार विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जा सके। सभी विभागों से कहा गया है कि सितंबर 2023 तक 5 करोड़ और इससे अधिक लागत के शिलान्यास योग्य कार्यों की सूची तैयार की जाए। सितंबर 2023 तक सिंगल क्लिक के माध्यम से एक बार में 50 करोड़ और इससे अधिक की राशि के हितग्राहियों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं की सूची तैयार की जाए। सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड पोर्टल पर 16 अगस्त तक जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं.

समीक्षा बैठक में इस पर होगा फोकस
आगामी समीक्षा बैठक को लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने निर्देश दिए हैं कि अगस्त महीने के तीसरे और चौथे सप्ताह में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक की जानी है। बैठक में आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश के रोड मैप के तहत आउटपुट और आउटकम की पूर्ति की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बैठक में 3 से 11 जनवरी के दौरान की गई समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के बारे में चर्चा की जाएगी। विभागों की अल्पकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं और उनके लक्ष्य को लेकर भी चर्चा होगी। समय-समय पर मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर विभागों द्वारा की गई कार्रवाई पर चर्चा होगी।
भाजपा को 16 में से मिली केवल 9 सीटें : नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा 16 नगर निगम महापौर में से 9 जीतने में कामयाब हो सकी, इनमें से पांच महापौर पद कांग्रेस के खाते में गए जबकि एक पर आम आदमी पार्टी और एक पर निर्दलीय जीतने में सफल रहा। इस चुनाव मे भाजपा को जोरदार झटका लगा है। अपनी इस असफलता के लिए भाजपा संगठन नई रणनीति बनाने में जुट गया है जिससे आगामी समय में पार्टी अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

