अब अपने गांव में ही करेंगे रोजगार
नये जॉबकार्ड पाकर खुश हुये जीवन सिंह, अर्जुन और गुड्डू चौधरी
कटनी – लॉकडाउन की अवधि में अपने गांव लौटे जीवन सिंह, अर्जुन और गुड्डू चौधरी को अब अपने गांव में ही मनरेगा के तहत चल रहे निर्माण कार्यों में रोजगार मिल सकेगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह द्वारा ग्राम प्रधानों और नये जॉबकार्ड पाने वाले प्रवासी मजदूरों से संवाद के लिये आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में शामिल होने आये बिलहरी ग्राम के गुड्डू चौधरी, अर्जुन और हथकुरी पंचायत के जीवन सिंह नये जॉबकार्ड पाकर खुशी से फूले नहीं समायें।
कटनी जिले के बिलहरी ग्राम पंचायत निवासी हरियाणा के रेवाड़ी में मेहनत, मजदूरी का काम और अर्जुन चौधरी गुजरात के सूरत में किसी कम्पनी में काम करते थे। लॉकडाउन लागू होते ही कम्पनी और मेहनत मजदूरी का काम बंद हो गया। लिहाजा 20-25 दिन इन्होने किसी तरह से व्यतीत किये और अपने गांव लौटने का फैसला किया। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को वापस लौटने की सुविधा के लिये चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेन से 4 मई को कटनी जिले के अपने गांव पहुंचे। ग्राम पंचायत बिलहरी द्वारा इन्हे ग्राम पंचायत में कोरेन्टाईन किया गया। कोरेन्टाईन की अवधि के बाद अर्जुन और गुड्डू को रोजगार की चिन्ता सता रही थी। ग्राम पंचायत में चल रहे मनरेगा के तालाब निर्माण में रोजगार तो मिल सकता था, लेकिन गांव से लम्बे समय से बाहर होने पर जॉबकार्ड निरस्त हो गया था।
ग्राम पंचायत के प्रधान गौरीशंकर गोस्वामी से जानकारी मिली कि सरकार निरस्त हो चुके प्रवासी मजदूरों के नये जॉबकार्ड बनाकर उन्हें रोजगार दिला रही है। ग्राम प्रधान से मिलकर इन्होने नये जॉबकार्ड और रोजगार की मांग की। बिलहरी के अर्जुन और गुड्डू चौधरी तथा हथकुरी के जीवन सिंह को शुक्रवार को नये जॉबकार्ड मिल गये हैं। उनका कहना है कि वह अन्य प्रान्तों में रोजी-रोटी कमाने नहीं जायेंगे। जब सरकार ने उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था कर रखी है, तो अपने घर-गांव में ही मेहनत मजदूरी कर सुकून की जिंदगी जियेंगे। बिलहरी के प्रधान बताते हैं कि मनरेगा योजना से गांव में ही तालाब गहरीकरण और मुख्यमंत्री सुदूर संपर्क सड़क के कार्य चल रहे हैं। फिलहाल बिलहरी पंचायत में आने वाले प्रवासी 35 मजदूरों का कोरेन्टाईन पीरियड चल रहा है। सभी प्रवासी मजदूरों को रोजगार मिल सके, इसके लिये गांव में और भी कच्चे निर्माण कार्य खोले जायेंगे।


