घर लौटे सभी मजदूरों को मिलेगा रोजगार – शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रधान एवं प्रवासी मजदूरों से किया संवाद
कटनी – मध्यप्रदेश में लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों से मध्यप्रदेश लौटे सभी प्रवासी मजदूरों को गांव में ही स्थानीयस्तर पर रोजगार मुहैया कराने के प्रयास किये जा रहे हैं। इन प्रवासी मजदूरों को डोर-टू-डोर सर्वेकर जॉबकार्ड देने तथा कुशल, अर्द्धकुशल, अकुशल मजदूरों की पहचान कर यथायोग्य रोजगार के साधन मुहैया कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से शुक्रवार को ग्राम प्रधानों एवं अपने गांव लौटे प्रवासी मजदूरों से संवाद करते हुये यह जानकारी दी। कटनी कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी वीसी कक्ष में सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, एसीईओ गौरव पुष्प, सीईओ जनपद पंचायत रीठी प्रदीप सिंह, ग्राम प्रधान हथकुरी, बिलहरी सहित प्रवासी मजदूर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रवासी मजदूरों को नये जॉबकार्ड वितरित कर स्वयं सिद्धी योजना की लांचिंग की। उन्होने कहा कि स्वयं सिद्धी योजना के माध्यम से सर्वेकर विभिन्न श्रेणियों के मजदूरों को रोजगार, कौशल और आवश्यकता का आंकलन किया जायेगा। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से स्थानीयस्तर पर रोजगार के माध्यम दिये जायेंगे। इसी प्रकार मजदूरों के कल्याण के लिये राज्य सरकार की संबल योजना पुनः तेजी से प्रभावी रुप से क्रियान्वित की जायेगी। उन्होने कहा कि स्किल्ड लेबर को ध्यान में रखते हुये गांव-गांव में कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा। स्वयं सिद्धी योजना में अच्छा काम करने पर पांच चरणों में पुरुस्कार की योजना भी प्रारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ग्राम प्रधानों और प्रवासी मजदूरों से सीधा संवाद करते हुये गांव की गतिविधियों, पेयजल, खाद्यान्न और रोजगार के संबंध में जानकारी ली। उन्होने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के विरुद्ध हम सब मिलकर लड़ेंगे और जीतेंगे। प्रदेश के सभी नागरिक मिलजुल कर प्रदेश को आगे ले जायेंगे और कोरोना को हराकर आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिला अशोकनगर, श्योपुर, आगर मालवा, भिण्ड और शिवपुरी के ग्राम प्रधानों और प्रवासी मजदूरों से बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के पश्चात जिला पंचायत के सीईओ जगदीश चन्द्र गोमे और ग्राम प्रधान बिलहरी गौरी शंकर गोस्वामी ने प्रतीक स्वरुप 5 प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के नये जॉबकार्ड वितरित कर स्वयं सिद्धी योजना की शुरुआत की।


