जिले के किसानों से गेहूं खरीदने को प्राथमिकता दें व्यापारी – कलेक्टर
मण्डी व्यापारियों एवं फ्लोर मिल संचालकों की बैठक
कटनी – कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन अवधि में मण्डी संशोधन अधिनियम के तहत किसानों के हित में लिये गये फैसलों के अनुसार सौदा पत्रक एवं मण्डी के माध्यम से जिले के किसानों एवं गेहूं उत्पादकों की उपज खरीदी को गल्ला व्यापारी और फ्लोर मिल संचालक प्राथमिकता दें। जिले में निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक रिकॉर्ड गेहूं उपार्जन के पश्चात जिले के किसानों के उत्पादित गेहूं विक्रय की सुविधा के लिये मण्डी के थोक व्यापारी और फ्लोर मिल संचालकों की बैठक में कलेक्टर ने यह निर्देश दिये। इस मौके पर एसडीएम बलबीर रमन, मण्डी सचिव पियूष शर्मा, लघु उद्योग संघ के मनीष गेई, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के गोविन्द सचदेवा, अनुराग बजाज, उद्योग भारती के रामहित सोनी सहित थोक गल्ला व्यापारी एवं फ्लोर मिल संचालक उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि राज्य शासन की मंशानुसार सभी किसानों को उनकी उपज विक्रय सुनिश्चित की जायेगी। कटनी जिले में इस बार पिछले सभी खरीदी के रिकॉर्ड तोड़ते हुये निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक 2 लाख 6 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। अभी अंतिम तिथि तक मैसेज प्राप्त पंजीकृत किसानों से गेहूं खरीदी अनवरत जारी है। राज्य शासन ने मण्डी अधिनियम में संशोधन कर सौदापत्रक एवं बाहर के तौल पर्ची को मान्यता देकर व्यापारियों और किसानों को क्रय-विक्रय की सुविधा दी है। अपने जिले के किसानों के पास अभी भी विक्रय योग्य गेहूं उपलब्ध है। जिले के व्यापारियों का भी दायित्व है कि अपने जिले के गेहूं उत्पादकों और किसानों से गेहूं खरीदी में प्राथमिकता दें। वर्तमान में मण्डियों और सौदा पत्रक के माध्यम से गेहूं विक्रय हेतु किसानों को अच्छी कीमत भी मिल रही है। प्रयास करें कि जिले के सभी विक्रय के इच्छुक किसानों का गेहूं खरीदी जाये।
मण्डी सचिव ने बताया कि कटनी की उपज मण्डी आस-पास के जिलों की तुलना में वृहद है। पिछले वर्ष रबी सीजन में 1 लाख 73 हजार क्विंटल की गेहूं खरीदी मण्डी के माध्यम से हुई थी। इस वर्ष अब तक 49 हजार क्विंटल ही हो सकी है। लॉकडाउन के कारण सीमांत जिलों से किसानों का गेहूं नहीं आया और जिले के किसान भी उतनी मात्रा में उपज लेकर नहीं पहुंचे। मण्डी प्रशासन द्वारा मण्डी में लाये गये प्रत्येक किसान का गेहूं एवं अन्य उपज व्यापारियों द्वारा खरीदा गया है। मण्डी सचिव ने बताया कि जिले के किसानों से व्यापारीगण सौदा पत्रक के माध्यम से सुविधाजनक तरीके से खरीदी कर सकते हैं। इसमें राज्य सरकार द्वारा अनेक सहूलियत भी प्रदान की गई है।
कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि मण्डी प्रशासन जिले के गेहूं उत्पादक किसानों और व्यापारियों की सूची को परस्पर अदान-प्रदान कराये ताकि सौदा पत्रक के माध्यम से गेहूं की खरीदी की जा सके। उन्होने कहा कि व्यापारीगण भी किसानों से एप्रोच बढ़ायें और मण्डी के बाहर सौदा पत्रक से खरीदी की सुविधा का लाभ उठायें।
फ्लोर मिल और गल्ला व्यापारियों ने कहा कि सौदा पत्रक एवं मण्डी संशोधन अधिनियम के माध्यम से व्यापारियों को सहूलियत और वर्षों पुरानी मांग सरकार ने पूरी की है। जिले में चार बड़ी फ्लोर मिले हैं। जिनमें 1 हजार से डेढ़ हजार क्विंटल प्रतिदिन की खपत होती है। लॉकडाउन की अवधि में जिले में कटनी जिले की आटा, मैदा मिलें तो संचालित रहीं लेकिन सेलिंग सेन्टर बंद होने से कच्चे माल का क्रय कम किया गया। अब माल की खपत बढ़ने और खपत की गतिविधियां चालू होने पर किसानों से गेहूं खरीदा जायेगा। वर्तमान में व्यापारियों द्वारा खरीदे गये गेहूं में किसानों को मण्डियों में 1850 रुपये से 2150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कीमत मिली है। व्यापारियों ने बताया कि मण्डी में खरीदी के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव की सावधानियों, सोशल डिस्टेन्सिंग, मास्क, सैनीटाईजर और 50 प्रतिशत कामगारों की उपस्थिति के मानक सिद्धांतों के पालन से मण्डी समिति कोरोना संक्रमण मुक्त बनी हुई है।

