हैण्डपम्प और नलजल योजनाओं को सतत् क्रियाशील रखें – कलेक्टर

ग्रामीण क्षेत्रों की पेयजल स्थिति की समीक्षा

कटनी  कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रीष्मकाल के दौरान पेयजल की सुचारु उपलब्धता बनाये रखने सभी हैण्डपम्पों और नलजल योजनायें सतत् क्रियाशील रखने के निर्देश दिये हैं। कलेक्ट्रेट स्थित सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों की बैठक में पेयजल की स्थिति की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये गये। इस मौके पर कार्यपालन यंत्री ई0एस0 बघेल, एसडीओ पीएचई बी0पी0 चक्रवर्ती, एम0पी0 पाठक भी उपस्थित रहे।

            कलेक्टर श्री सिंह ने ग्रीष्मकालीन विभागीय कार्ययोजना, कन्ट्रोल रुम, सुधार योग्य हैण्डपम्प और नलजल योजनाओं की जानकारी लेकर विकासखण्डवार पेयजल की स्थिति की समीक्षा की। उन्होने कहा कि बंद नलजल योजनाओं की जानकारी सीईओ जिला पंचायत और एसडीएम को देकर तत्काल सुधार की कार्यवाहियां करें। इसी प्रकार किसी भी हैण्डपम्प के बंद होने की सूचना मिलते ही तत्काल सुधार की कार्यवाहियां करें। रीठी और बहोरीबंद के पठारी क्षेत्र में जलस्तर गिरने से बंद हुये हैण्डपम्पों के रिचार्ज की आगामी व्यवस्था करें। सुधार योग्य हैण्डपम्पों में राईजर पाईप बढ़ाकर क्रियाशील करायें। जिन पॉकेट में केवल एक हैण्डपम्प हो, वहां वैकल्पिक रुप से जलस्त्रोत की व्यवस्था करें। लोक स्वास्थ्य अमला ग्रामस्तर के मैदारी कर्मचारियों, ग्राम सचिव, पटवारी, कोटवार के सतत् संपर्क में रहें और हैण्डपम्प के खराब होने की शिकायतों का तत्काल मौके पर जाकर निराकरण करायें। जिला और जनपद पंचायत स्तर पर स्थापित कन्ट्रोल रुम में रजिस्टर की दर्ज शिकायतों में तत्परता पूर्वक कार्यवाही की जाये। उन्होने कहा कि तीन दिवस के भीतर सुधार योग्य सभी 76 हैण्डपम्पों को संचालित करायें। ग्राीष्मकाल में हर हफ्ते पेयजल की स्थिति की समीक्षा कलेक्टर द्वारा स्वयं की जायेगी।

            कार्यपालन यंत्री ई0एस0 बघेल ने बताया कि जिले में कुल 10419 हैण्डपम्प स्थापित हैं। जिनमें 10 हजार 80 चालू और 339 विभिन्न कारणों से बंद हैं। इनमें सुधार योग्य 76 हैण्डपम्प हैं, जिन्हें तीन दिवस में सुधार कर दिया जायेगा। शेष 105 भरे पटे, 23 लाईन गिरी और जलस्तर कम होने से 104 और 31 हैण्डपम्प सूखा होने से बंद है। जिले में कुल 291 नलजल योजना स्थापित हैं, जिनमें से 27 चालू हैं। विभिन्न कारणों से बंद 14 नलजल योजना में 7 स्त्रोत के कारण, 3 जीर्णशीर्ण, पाईप और विद्युत कनेक्शन से 1-1 तथा 2 नलजल योजना बगदरा और बम्हौरी पंचायत द्वारा नहीं चलाये जाने से बंद हैं। कलेक्टर ने तहसीलदार को दूरभाष पर दोनों योजनाओं को ग्राम पंचायत के माध्यम से तत्काल चालू कराने के निर्देश दिये।

नई 25 स्वीकृत मुख्यमंत्री नलजल योजनाओं में से 19 पूर्ण

            कार्यपालन यंत्री ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीकृत 25 मुख्यमंत्री ग्राम नलजल योजनाओं में से 19 नलजल योजनायें पूर्ण कर ग्रामीणों को घर-घर नल कनेक्शन के माध्यम से जलप्रदाय शुरु कर दिया है। जबकि शेष 6 नलजल योजनाओं का कार्य प्रगतिरत है। इनमें 4 नलजल योजना पिपरौध, कूड़ा, निगहरा, अमेहटा एक हफ्ते में पूर्ण होकर चालू हो जायेंगी। ढीमरखेड़ा की हरदी और गाढ़ा इटवा की नलजल योजना का कार्य अभी 20 प्रतिशत ही पूर्ण हुआ है।

            कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी ने बताया कि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वीकृति मुख्यमंत्री नलजल योजनाओं का कार्य पूर्ण कर जल प्रदाय प्रारंभ किया गया है। उनमें सिंघनपुरी, परसवारा, पौंड़ी, मझगवां, टिकरवारा, जमुआनीकला, घुड़हर, सुड्डी, बरेहटा, पाली, लिंगरी, छिंदहाई पिपरिया की दो, टीकर, बम्हौरी, सिमरिया, पड़खुरी, सिन्दुरसी, सिमराड़ी नलजल योजना शामिल हैं। इसके अलावा नवीन जल आवर्धन एवं जनभागीदारी से जिले में अन्य 7 नलजल योजनाओं का कार्य प्रगतिरत है। जिनमें ढीमरखेड़ा की गोपालपुर, घुघरी, मुहास, उमरियापान, देवरी मंगेला और बड़वारा की मझगवां नलजल योजना का कार्य प्रगति पर है।

हरदी और गाढ़ा इटवा योजना पूर्ण नहीं करने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करें

            कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने ढीमरखेड़ा विकासखण्ड की हरदी और गाढ़ा इटवा में स्वीकृत मुख्यमंत्री नलजल योजना का कार्य समयावधि और अनुबंध के अनुसार पूर्ण नहीं करने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तथा वसूली की कार्यवाही करने के निर्देश दिये हैं।

            कार्यपालन यंत्री पीएचई ने बताया कि ढीमरखेड़ा में 61 लाख 95 हजार रुपये की लागत की नलजल योजना ग्राम हरदी और 62 लाख 5 हजार रुपये की लागत की योजना गाढ़ा इटवा में जनवरी 2019 माह में स्वीकृत कर कार्यादेश जारी किये गये हैं। संबंधित ठेकेदार द्वारा अनुबंध की अवधि 6 माह के उपरांत अब तक 20 प्रतिशत ही काम किया गया है। ठेकेदार मोहनदयाल एण्ड संस द्वारा योजना के कार्य में रुचि नहीं ली जा रही है। कलेक्टर ने संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध वसूली और ब्लैकलिस्टेड करने की कार्यवाही के निर्देश दिये।

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