विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित हुई निबंध, चित्रकला प्रतियोगिता
कटनी – संयुक्त राष्ट्र दारा 22 मई को जैव विविधता के मुद्दों के बारे में समझ और जागरूकता बढ़ाने जैव विविधता दिवस के रूप में घोषित किया गया है। पृथ्वी पर लाखों प्रजाति के जीव व वनस्पति उपलब्ध हैं, इन सब की विशेषता व आवास भिन्न है। यह आपस में प्राकृतिक कडि़यों से जुड़े हुए हैं। हम इसे वैश्विक जैव विविधता मान सकते हैं। मानव के कारण पर्यावरण में हो रहे बदलाव के कारण इनकी कडि़यां टूट रही हैं जो की चिंता का विषय है। इसी प्रकार तकनीकी विकास होने के बावजूद भी मनुष्य कहीं ना कहीं अपनी बुनियादी आवश्यकताओं जैसे जल खाद्य औषधि कपड़ा और मकान उर्जा इत्यादि हेतु प्रकृति के पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करता है। अंर्तराष्ट्रीय जैव 2020 का विषय हमारे संसाधन प्रकृति में है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रकृति और मनुष्य के बीच एक आशा एवं एकजुटता का बल देता है। साथ ही भविष्य में प्रकृति के साथ सभी स्तर पर तालमेल के महत्व को भी दर्शाता है। माना जा रहा है कि वर्ष 2020 अवसरों एवं समाधान का वर्ष है।
इस वर्ष मानव कल्याण के लिए एवं इस पृथ्वी पर सभी प्रकार की जैव विविधता को नुकसान से बचाने हेतु प्रयास जरूरी है। इसी कड़ी में पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन भोपाल एवं पर्यावरण मंत्रालय वन एवं जलवायु परिवर्तन भारत सरकार के निर्देशन पर राष्ट्रीय हरित कोर योजना इको क्लब के द्वारा जैव विविधता का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधव नगर कटनी में किया गया किया गया। जिसके तहत 22 मई विश्व जैव विविधता दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन चित्रकला व निबंध प्रतियोगता तथा शिक्षको के लिए 30 सेकेंड की वीडियो निर्माण का भी आयोजन किया गया जिसका विषय था “समस्या का हल प्रकति में निहित है“। कार्यक्रम का आयोजन उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर कटनी में किया गया। उक्त कार्यक्रम में सहायक संचालक शिक्षा आर एस पटेल, उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य विभा श्रीवास्तव, अनिल चक्रवर्ती, एन पी गुप्ता, एस पी दहायत, विनय दुबे, जय टी एक्का, संगीता ठाकुर, प्रतिभा शुक्ला, नोडल प्राचार्य राजेश अग्रहरि उपस्थित रहे कार्यक्रम को सफल बनाने में मनमोहन बैरागी की सराहनीय भूमिका रही। क्रायक्रम का संचालन नीलम कोसले द्वारा किया गया। ऑनलाइन प्राप्त चित्रकला एवं निबंध के विजेताओं को विश्व पर्यावरण दिवस पर पुरष्कृत किया जावेगा। लॉक डाउन के बाद भी विद्याथियों की सहभागिता सराहनीय रही।

