आईटीओ के सदस्य बोले ग्वालियर के पास अतुल्य विरासत
आइएटीओ के 60 सदस्यीय दल ने ग्वालियर की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरो को देखा
ग्वालियर आगमन पर इस दल का गर्मजोशी और पारंपरिक ढंग से स्वागत किया गया। इसके बाद जब यह दल ग्वालियर की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरो को देखने पहुंचा तो उसकी सराहना किये बिना नही रह सका। इस दल ने सबसे पहले ग्वालियर किला पहुंचकर वहाँ पर स्थित ऐतिहासिक घरोहरो को देखा और उनकी सरहाना की। इस अवसर पर ग्वालियर किला और उस पर स्थित अन्य ऐतिहासिक इमारतो के बारे मे सभी को विस्तार से जानकारी दी गई। ऐतिहासिक घरोहरों की जानकारी पाकर दल के सदस्यों ने काफी प्रसंशा की।
ग्वालियर की ऐतिहासिकता एयर संगीत व सांस्कृतिक पहचान को पूरे देश व विदेश में एक पहचान मिल सके, उसके लिये जिला प्रशासन, ग्वालियर स्मार्ट सिटी, पर्यटन विभाग द्वारा तीन से पांच फरवरी 2024 तक फेम ट्रिप का आयोजन किया गया है। इस फेम ट्रिप में देश के अलग-अलग हिस्सों से टूर आपरेटर और टूरिस्ट गाइड की लगभग 60 सदस्यीय टीम के सदस्य दो दिन शहर में रुककर ऐतिहासिक घरोहरो सहित पर्यटन स्थलों की सैर करेंगे। पहले दिन दल ने जहाँ शहर की ऐतिहासिक विरासत ग्वालियर किला, जयविलास पैलेस, मोहम्मद गौस का मकबरा, गुजरी महल सहित शहर के अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को देखा तो वहीं 4 फरवरी को यह दल महाराज बाडा और इसके आसपास के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे वहीं सुबह तिघरा में बर्ड वाचिंग करने भी जाएंगे।
इस दल मे शामिल पल्लवी शर्मा औऱ तान्या ने अपना अनुभव साझा करते हुये बताया कि ग्वालियर के पास अतुल्य विरासत है और इस विरासत को काफी समय से देखने का उनका मन था और आज इस फेम ट्रिप के माध्यम से वह ग्वालियर और इसकी ऐतिहासिक विरासत को नजदीक से देख पा रही है। उन्होने पर्यटन के क्षेत्र मे किये जा रहे इन प्रयासो के लिये जिला प्रशासन, ग्वालियर स्मार्ट सिटी व पर्यटन विभाग का शुक्रिया भी अदा किया।
